मुलायम सिंह यादव को राजनाथ सिंह ने कुछ यूं दी श्रद्धांजलि, ओम बिरला बोले- आज देश उदास है


सैफई. समाजवादी पार्टी के संस्थापक और संरक्षक मुलायम सिंह यादव मंगलवार पंचतत्व में विलीन हो गए. सैफई में मेला ग्राउंड में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनके बड़े बेट व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें मुखाग्नि दी.

मुलायम सिंह यादव के अंतिम संस्कार में पूरा जनसैलाब उमड़ पड़ा. केंद्रीय मंत्री, कई राज्यों के मुख्यमंत्री, उद्योगपति और बॉलीवुड अभिनेता, सभी उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे. उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए सैफई पहुंचने वालों में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव, छत्तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल, उत्तर प्रदेश के दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित विभिन्न दलों ने नेता शामिल थे.

सपा से राज्यसभा सांसद जया बच्‍चन अपने सिने स्टार बेटे अभिषेक बच्चन के साथ पार्टी संस्थापक को  श्रद्धांजलि देने पहुंची थीं. वहीं उद्योगपति अनिल अंबानी भी मुलायम सिंह के अंतिम संस्कार में भाग लेने सैफई पहुंचे. इसके अलावा योग गुरु बाबा रामदेव भी अपने शिष्य बालकृष्ण के साथ यादव को श्रद्धांजलि देने पहुंचे और नम आंखों से अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की.

मुलायम सिंह यादव का जाना देश के बहुत बड़ी क्षति

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुलायम सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से कहा, ‘उनकी प्रतिपूर्ति नहीं की जा सकती. उनके निधन से बहुत बड़ी क्षति हुई है.’ उन्होंने कहा, ‘आदरणीय मुलायम सिंह यादव से मेरे बहुत अच्छे रिश्ते थे. वह भारत की राजनीति की बहुत बड़ी शख़्सियत थे और उन्हें धरती से जुड़ा नेता माना जाता था. यह देश के लिए बहुत बड़ी क्षति है. हम सभी यहां उन्हें श्रद्धांजलि देने आए हैं. पीएम मोदी यहां नहीं आ सके लेकिन उन्होंने मुझे अपनी तरफ से श्रद्धांजलि देने को कहा.’

वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने भी यादव को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा, ‘मुलायम सिंह यादव जनता के नेता थे. लोग यहां अंतिम दर्शन करने आए हैं. उन्होंने अपने पूरे जीवन में गरीबों, किसानों की वकालत की. आज देश उदास है.’

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने यादव के निधन को ‘उत्तर प्रदेश के लिए नुकसान’ करार दिया. वहीं रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव ने कभी भी अपने राजनीतिक विरोधियों को दुश्मन नहीं माना और उनका हर नेता के साथ एक निजी संबंध था.

मुलायम सिंह यादव की बनेगी समाधि

बता दें कि मुलायम सिंह यादव का अंतिम संस्कार जिस जगह किया गया वह यादव कुनबे का निजी श्मशान है. यहीं पर उनकी पहली पत्नी और अखिलेश यादव की मां मालती यादव का भी अंतिम संस्कार किया गया था. उनकी समाधि भी यहीं बनी हुई है. बताया जा रहा है कि इसके बगल में ही मुलायम सिंह की भी समाधि बनाई जाएगी.

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश से 10 बार विधायक रहने के साथ ही 7 बार सांसद भी चुने गए. वह तीन बार (वर्ष 1989-91,1993-95 और 2003-2007) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और 1996 से 98 तक देश के रक्षा मंत्री भी रहे. एक समय उन्हें प्रधानमंत्री पद के दावेदार के तौर पर भी देखा गया था. (भाषा इनपुट के साथ)

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