विपक्ष ने योगी सरकार के बजट पर कसा तंज, कहा- यह किसान विरोधी, निराशाजनक और चुनावी स्‍टंट


लखनऊ. उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party), बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस ने सोमवार को उत्तर प्रदेश विधान मंडल में प्रस्तुत 2021-22 के बजट (UP Budget 2021) को किसानों, युवाओं, महिलाओं और बेरोजगारों समेत आम जनता के लिए ‘निराशाजनक’ और ‘चुनावी स्‍टंट’ बताया है. इस बाबत विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी के वरिष्‍ठ नेता राम गोविंद चौधरी (Ram Govind Chaudhary) ने बजट की आलोचना करते हुए कहा,’ यह बजट झूठ का पुलिंदा है और यह चुनावी बजट है.’

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उत्‍तर प्रदेश सरकार का बजट सिर्फ पेपरलेस ही नहीं है बल्कि यह ‘रोजगारलेस’ और ‘किसानों की आमदनीलेस’ बजट है. सरकार ने यह बजट समग्र विकास को समर्पित किया है लेकिन समग्र विकास का कोई अर्थ नहीं बताया है. यही नहीं, पेपरलेस बजट पर आपत्ति करते हुए चौधरी ने आरोप लगाया कि विधायकों को बजट की कॉपी न देकर ‘टैबलेट’ में बजट उपलब्‍ध कराने की बात कही गई थी, लेकिन टैबलेट में 20-25 मिनट बाद बजट लोड हुआ. उन्‍होंने कहा कि अगर पेपरलेस बजट पेश किया तो सरकार को राज्‍यपाल का अभिभाषण भी पेपरलेस कराना चाहिए था.

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह बजट निराशाजनक है और इसमें महिलाओं की सुरक्षा, किसानों की आय दोगुनी करने और गन्‍ना किसानों का बकाया भुगतान करने के बारे में कोई जानकारी नहीं है. चौधरी ने कहा कि इसमें डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की महंगाई कम करने की कोई घोषणा नहीं की गई है. उन्‍होंने विधान मंडल सत्र की कवरेज के लिए मंडप में मीडिया को प्रवेश न देने पर भी आक्रोश जाहिर किया है.

बसपा ने भी साधा निशानाउत्तर प्रदेश सरकार के वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिये सोमवार को राज्य विधानसभा में पेश किये गये बजट को बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने अति निराशाजनक बताया है. बसपा प्रमुख ने बजट पेश किये जाने के बाद एक ट्वीट में कहा कि यूपी विधानसभा में पेश बीजेपी सरकार का बजट भी केन्द्र सरकार के बजट की तरह ही यहां प्रदेश में खासकर बेरोजगारी की क्रूरता दूर करने हेतु रोजगार आदि के मामले में अति-निराश करने वाला है. केन्द्र सरकार की तरह यूपी के बजट में भी वायदे व हसीन सपने जनता को दिखाने का प्रयास किया गया है.

मायावती ने कहा कि यूपी की लगभग 23 करोड़ जनता के विकास की लालसा की तृप्ति के मामले में यूपी सरकार का रिकार्ड केन्द्र व यूपी में एक ही पार्टी की सरकार होने के बावजूद भी वादे के अनुसार संतोषजनक नहीं रहा. खासकर गरीबों, कमजोर वर्गों व किसानों की समस्याओं के मामले में भी यूपी का बजट अति-निराशाजनक है.

इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी दल के नेता लालजी वर्मा ने पत्रकारों से कहा कि किसान आंदोलन के कारण किसानों को बड़ी उम्‍मीद थी कि बजट में उनके लिए सरकार कुछ खास घोषणा करेगी, लेकिन यह बजट किसानों और जनता के लिए निराशाजनक है और यह जनता के साथ धोखा है. वर्मा ने कहा कि बजट में 37 हजार करोड़ का घाटा दिखाया गया है और यह प्रदेश की अर्थव्‍यवस्‍था को ‘फेल’ करने की ओर अग्रसर हो रहा है. उन्‍होंने कहा कि बजट में आमदनी के स्रोत का कोई उल्‍लेख नहीं है कि कैसे घाटा पूरा किया जाएगा. बसपा दल नेता ने कहा कि यह बजट चुनाव की दृष्टि से जनता को गुमराह करने का प्रयास है. महंगाई के भार से परेशान किसानों के लिए कोई व्‍यवस्‍था नहीं की गई है.

कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ने बजट को ‘लहीम-सहीम’ बताते हुए कहा कि पेपरलेस बजट पर सरकार पीठ थपथपा रही है लेकिन यह सत्‍यहीन बजट है. उन्‍होंने कहा कि पेपरलेस बजट होने की वजह से हम इसका अवलोकन नहीं कर पाये हैं, लेकिन वित्‍त मंत्री के भाषण के आधार पर मेरा कहना है कि इसमें किसानों और कृषि के लिए कोई योजना नहीं है. आराधना ने कहा कि इस सरकार ने किसानों की समस्‍या पर एक शब्‍द भी नहीं कहा है. इस बजट में सरकार ने नौजवानों को लेकर कोई नई रूपरेखा नहीं बताई है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि यह सरकार महिलाओं की सशक्तिकरण की बात करती है लेकिन किसान, नौजवान और बहन-बेटियों को लेकर सरकार ने बजट में कोई बात नहीं की है. उन्‍होंने कहा कि यह सरकार किसानों के लिए बजट में कोई प्रावधान कर सकती थी लेकिन अगर नहीं किया तो यह सरकार की संवेदनहीनता है.

किसी के भी हाथ कुछ न आया, रह गये सबके हाथ खाली : अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्विटर पर लिखा, ‘पेपरलेस बजट में किसान, मजदूर, युवा, नारी, कारोबारी, किसी के भी हाथ कुछ न आया, रह गये सबके हाथ खाली. भाजपा का यह विदाई बजट सबको रूला गया है. वहीं, राष्ट्रीय लोकदल के प्रवक्ता अनुपम मिश्रा ने कहा कि इस बजट में सरकार ने न तो एमएसपी का आश्वासन दिया है न कर्ज माफी की बात की.

अखिलेश यादव ने कहा कि बेरोजगारी अपने चरम पर है और युवाओं के लिये कोई कार्यक्रम नहीं है. सिर्फ आंकड़ों की जादूगरी की गयी है, 2022 में जनता इस आंकड़ों के खेल का जवाब देगी.

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोमवार को वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिये राज्य विधानसभा में 550270.78 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है.



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