विद्युत विभाग ने भरी दिव्यांग की फर्जी चेकिंग रिपोर्ट

मामला विद्युत नगरीय वितरण खंड 3 के अंतर्गत 33/11 GIC से संबंधित क्षेत्र इमली वाली मस्जिद मुफ्ती टोला का है जहां दिनांक 20 जनवरी 21 को विद्युत चेकिंग अभियान के अंतर्गत जुबैरा रईस (विकलांग) वाइफ ऑफ रईस अहमद जो एक बंद गली मैं लास्ट में रहती हैं गली के मोड़ पर एक दरवाजा लगा हुआ है दरवाजा न खुलने के कारण विभाग द्वारा फर्जी चेकिंग रिपोर्ट भर दी गई पीड़ित के पिता का आरोप है जब उनके पास दिनांक 7 फरवरी 21 को बिल आया तो पता चला कि उनके यहां तथाकथित चोरी पकड़ी गई है पीड़ित के पिता ने बताया इस संबंध में एक्शन थर्ड से मिलने पर अपना पक्ष रखा परंतु वह भड़क गए और कहने लगे कि आप हमारे खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दीजिए अपना सा मुंह लेकर पीड़ित के पिता संबंधित जेई वा एसडीओ से मिले वह चेकिंग रिपोर्ट या वीडियोग्राफी के साक्ष्य देखने को कहा (चेकिंग रिपोर्ट पाना उपभोक्ता का अधिकार है) जो कि जेई और एसडीओ ने मना कर दिया रिपोर्ट की एक ब्लैक फोटोस्टेट जो पढ़ने में नहीं आ रही थी (जो कॉपी एसडीओ से भी नहीं पढ़ी गई) उपभोक्ता को थमा दी और कहां आप यहां से चले जाएंगे इस संबंध में जेई 33/11 जीआईसी का कहना है चेकिंग रिपोर्ट की 3 कॉपियां होती हैं उपभोक्ताओं को चेकिंग रिपोर्ट देने का कोई प्रावधान नहीं है आपकी गली के पांच/ छे लोगों ने पैसे जमा करा दिए हैं आप भी करा दीजिए पीड़ित का आरोप है कहीं सुनवाई नहीं हो रही हो उन्होंने किसी तरह की कोई चोरी नहीं की है क्या उच्च उच्च अधिकारी इस संबंध में पीड़ित को न्याय दिला पाएंगे