वाह री स्मार्ट सिटी झांसी! यहां सालों से नहीं बनी सड़क; विकास की राह देखते कॉलोनी के लोग


रिपोर्ट: शाश्वत सिंह

झांसी शहर को स्मार्ट सिटी का दर्जा प्राप्त है. इसको स्मार्ट बनाए रखने के लिए हर साल करोड़ों रुपये का बजट आता है. इस बजट का अधिकांश हिस्सा खर्च भी होता है. लेकिन स्मार्ट सिटी की हकीकत कुछ और ही है. अगर आपको यह हकीकत देखनी है तो आप झांसी के वॉर्ड नंबर 35 नंदनपुरा प्रथम के सूर्यपुरम कॉलोनी में जाकर देख सकते हैं. इस रिहायशी इलाके में रहने वाले लोगों ने बताया कि पिछले कई सालों से यहां सड़क बनी ही नहीं है. कई बार पार्षद से शिकायत करने के बाद भी आज तक यह सड़क नहीं बन पाई है.

पार्षद कहते हैं वोट नहीं तो काम नहीं

सूर्यपुरम में रहने वाले पियूष चतुर्वेदी ने बताया कि यह सड़क पिछले 18 सालों से बन नहीं पाई है. कई बार शिकायत की गई लेकिन पार्षद कहती हैं कि आप लोग जब हमें वोट नहीं देते तो हम काम क्यूं कराएं. उसी इलाके में रहने वाले जगत बिहारी खरे ने बताया कि उन लोगों ने तो आज तक पार्षद को देखा ही नहीं क्योंकि वह इलाके में कभी नहीं आई. उन्होंने तो इस इलाके को अपने वॉर्ड क्षेत्र का होने पर भी संदेह जताया.

वहीं एक बुजुर्ग दंपति ने बताया कि परिसीमन के बाद से ही यह सारी समस्या शुरू हुई है. उनका कहना है कि खराब सड़क की वजह से कई बार यहां लोग चोटिल भी हो चुके हैं. एक अन्य स्थानीय नागरिक ने बताया कि बारिश के दिनों में तो सड़क का हाल और बुरा हो जाता है. नालियों से पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर आने लगता है.

कई बार लिखी चिट्ठियां, पर नहीं हुई कोई कार्रवाई

लोकल18 ने इस मामले में जब वार्ड नंबर 35 की पार्षद कमर खातून से बात करनी चाही तो उनकी जगह उनके पति मोहम्मद जमील ने बात की, जो खुद को पार्षद प्रतिनिधि बताते हैं. पार्षद पति मोहम्मद जमील ने बताया कि उन्होंने दो बार नगर आयुक्त और दो बार महापौर को इस मामले में चिट्ठी लिखी है पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि गैस की पाइपलाइन और पानी की लाइन बिछाने के लिए पूरे इलाके को खोद दिया गया था पर उसे अभी तक ठीक नहीं किया गया है. क्षेत्र में ना जाने और लोगों से ना मिलने की बात पर उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद से उन्होंने लोगों से मिलना कम कर दिया है. वोट नहीं तो काम नहीं वाले सवाल पर उन्होंने कहा कि वह सभी धर्म के लोगों के लिए काम करते हैं और लोग भी उन्हें भरपूर प्यार देते हैं. अपनी इस बात की पुष्टि करने के लिए उन्होंने बताया कि चुनावों में उनकी पत्नी को कुल 1400 वोट मिले थे, जिनमें से सिर्फ 800 वोट ही मुस्लिम परिवारों के थे.

Tags: Jhansi news



Source link

more recommended stories