उत्तराखंड की राज्यपाल से योगी सरकार में मंत्री तक, जानें BJP की दलित फेस बेबी रानी मौर्य की 5 खास बातें

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लखनऊः यूपी में लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री का पद संभालने वाले योगी आदित्यनाथ ने इस बार 5 महिलाओं को अपनी कैबिनेट में शामिल किया है. इनमें एक नाम बेबी रानी मौर्य (Baby Rani Maurya) का भी है. शुक्रवार को लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में बेबी रानी मौर्य ने भी शपथ ली. योगी सरकार 2.0 में उन्हें अहम मंत्रालय मिल सकता है. आगरा की मेयर (Agra mayor) रह चुकीं बेबी रानी अगस्त 2018 में उत्तराखंड की राज्यपाल (Uttarakhand Ex-governor) बनी थीं. वह करीब 3 साल तक इस पद पर रहीं. उन्हें भाजपा का बड़ा दलित चेहरा (BJP dalit face) माना जाता है. 65 वर्षीय बेबी रानी मौर्य के अलावा योगी सरकार में जिन 4 महिलाओं को मंत्री बनाया गया है, वो हैं- गुलाब देवी, प्रतिभा शुक्ला, रजनी तिवारी और विजय लक्ष्मी गौतम. आइए बताते हैं बेबी रानी मौर्य की 5 खास बातें-

बेबी रानी मौर्य आगरा से ताल्लुक रखती हैं. उनका मायका आगरा के बेलनगंज में और ससुराल बालूगंज में हैं. उनके पति पंजाब नेशनल बैंक में सीनियर पद से रिटायर्ड हैं. उनके पुत्र अभिनव और बेटी अंजू अमेरिका में रहते हैं. कभी बहुजन समाज पार्टी का गढ़ रही ताजनगरी में बेबी रानी मौर्य का अच्छा प्रभाव माना जाता है. बेबी रानी आगरा की मेयर भी रही हैं.

एमए बीएड पास बेबी रानी मौर्य 1995 में बीजेपी में शामिल हुई थीं. उसी साल वह भाजपा के टिकट पर आगरा की मेयर बनीं. 1997 में वह भाजपा के राष्ट्रीय अनुसूचित जाति मोर्चा की कोषाध्यक्ष रहीं. 2001 में राज्य सामाजिक कल्याण बोर्ड के सदस्य के रूप में काम किया. इसके अलावा 2002 में राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य के तौर पर भी उन्होंने जिम्मेदारी संभाली.

अगस्त 2018 में बेबी रानी मौर्य को उत्तराखंड का राज्यपाल बनाया गया. उन्होंने कृष्ण कांत पॉल की जगह ली. वह राज्य की दूसरी महिला राज्यपाल थीं. उनसे पहले मार्गरेट अल्वा ने बतौर राज्यपाल प्रदेश की जिम्मेदारी संभाली थी. सितंबर 2021 में बेबी रानी मौर्य ने राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद बीजेपी ने उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी.

बेबी रानी मौर्य का जन्म दलित परिवार में हुआ था. वह उसी जाटव बिरादरी से ताल्लुक रखती हैं, जिससे बसपा सुप्रीमो मायावती आती हैं. विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने बेबी रानी मौर्य को दलित वोटों को लुभाने के लिए मैदान में उतारा, जो बसपा के कोर वोटर माने जाते रहे हैं.

2022 के विधानसभा चुनाव में बेबी रानी मौर्य ने आगरा ग्रामीण से चुनाव लड़ा. उन्होंने बसपा की किरन प्रभा केसरी को हराकर जीत दर्ज की. 2007 में उन्होंने आगरा की एत्मादपुर सीट से बीजेपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन हार का सामना करना पड़ा था.

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