UP Violence: ड्रोन कैमरे से लेकर डिजिटल वालंटियर्स तक, जुमे की नमाज को लेकर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त


लखनऊ. देश के विभिन्न राज्यों में पिछली 10 जून को जुमे की नमाज के बाद हुए उपद्रव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को हर हाल में शांति-व्यवस्था बनाये रखने के लिये सुरक्षा के चाक-चौबंद बंदोबस्त किये गये हैं. सभी संवेदनशील स्थलों पर वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगायी गयी है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो सके.

प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया कि जुमे की नमाज के लिये राज्य में व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किये गये हैं. विभिन्न जिलों में धर्म गुरुओं, नागरिक समाज और शांति समिति के सदस्यों के साथ बैठकें की जा रही हैं. इन बैठकों में सम्बन्धित थानाध्यक्ष, पुलिस चौकी प्रभारियों के साथ-साथ वरिष्ठ क्षेत्रीय तथा परिक्षेत्रीय पुलिस अफसर भी भाग ले रहे हैं. इसके साथ उन्होंने बताया कि यूपी में शांति व्यवस्था बनाये रखने में सिविल डिफेंस और प्रदेश पुलिस के ‘डिजिटल वालंटियर्स’ की मदद भी ली जा रही है. इसके अलावा यूपी में शक्रवार की नमाज को देखते हुए 132 कंपनी पीएसी और 10 कंपनी सीएपीएफ तैनात की गई है.

वहीं, गोरखपुर के एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि पिछले सप्ताह के तरह ही इस बार भी जुमे की नमाज के लिए ड्रोन से निगरानी की जा रही है. हमने ड्रोन के माध्यम से कुछ घरों को चिन्हित किया है जिसके छतों पर पत्थर मिले हैं, उनको नोटिस देकर पत्थर हटवा दिए जाएंगे. धर्मगुरुओं से भी बात की जा रही है.

वीडियो कांन्फ्रेंस से सुरक्षा बंदोबस्त की गहन समीक्षा
गृह विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी और पुलिस महानिदेशक डी एस चौहान ने संयुक्त रूप से वीडियो कांन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के सभी मंडलों, जोन, रेंज एवं जिलों में सुरक्षा बंदोबस्त की गहन समीक्षा की. उनके मुताबिक, अधिकारियों को साफ तौर पर आगाह किया गया है कि किसी भी प्रकार की ढिलाई पाये जाने पर सम्बन्धित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. इसके अलावा कई जिलों में मॉकड्रिल भी किया गया है.

उन्होंने बताय कि प्रदेश भर में कड़ी सतर्कता बरतने तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से कड़ाई से निपटने के निर्देश दिये गये हैं. सभी जिलों में पुलिस द्वारा पैदल गश्त और अर्धसैनिक बलों द्वारा फ्लैग मार्च किये जाने के भी निर्देश दिये गये हैं. सभी संवेदनशील स्थलों पर वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगायी गयी है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न हो सके.

यूपी के प्रमुख धर्मगुरुओं से संवाद 
सूत्रों के मुताबिक, वीडियो कान्फ्रेंस में जिले के अफसरों ने बताया कि प्रशासनिक तथा पुलिस अधिकारियों ने प्रदेश भर में सभी प्रमुख धर्मगुरुओं से संवाद कर शांति व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग मांगा है. उन्होंने बताया कि थाना स्तर पर शांति समिति की बैठकों का आयोजन भी किया गया है. सिविल डिफेंस के कर्मियों को भी शांति एवं व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. पुलिस सेक्टर योजना को भी लागू किया गया है और सभी संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी, वीडियो कैमरे व ड्रोन से आवश्यकतानुसार निगरानी की जायेगी.

गौरतलब है कि भाजपा की तत्कालीन प्रवक्ता नुपुर शर्मा द्वारा एक समाचार चैनल पर बहस के दौरान पैगम्बर मुहम्मद के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी किये जाने के विरोध में पिछली 10 जून को जुमे की नमाज के बाद उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में हिंसा भड़क उठी थी. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, सहारनपुर, अलीगढ़, हाथरस, फिरोजाबाद तथा कुछ अन्य जिलों में हिंसक घटनाएं हुई थीं. इस मामले में 400 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

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