UP News: पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर की सीएम योगी की तारीफ, सरकार की इस योजना को सराहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योगी सरकार की एल्डरलाइन योजना को सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योगी सरकार की एल्डरलाइन योजना को सराहा


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योगी सरकार की एल्डरलाइन योजना को सराहा

UP Elderline Project: प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा मुख्यमंत्री के इस योजना को सराहा है जिसमें अपनों से बिछड़े और सड़क पर रह रहे बुजुर्गों की मदद की जा रही है. प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा है कि योगी सरकार की ये अच्छी पहल है.

लखनऊ. कोरोना काल (Corona Pandemic) में बुजुर्गो का सहारा बन रही योगी सरकार (Yogi Government) की एल्डरलाईन हेल्पलाइन सेवा (Elderline Helpline Service) की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने की है. प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर कहा मुख्यमंत्री के इस योजना को सराहा है जिसमें अपनों से बिछड़े और सड़क पर रह रहे बुजुर्गों की मदद की जा रही है. प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा है कि योगी सरकार की ये अच्छी पहल है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी तारीफ़ पर प्रधानमंत्री का आभार जताया है.

दरअसल, कोरोना काल में अपनों से बिछड़े, सड़क व फुटपाथ पर जीवन बिताने को मजबूर बुजुर्गों के लिए योगी सरकार ने गाठ 14 मई को ‘एल्डरलाइन’ नाम की योजना लॉन्च की है. कोरोना काल में राज्य के जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए यह योजना काफी मददगार साबित हो रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी 75 जिलों में बेसहारा बुजुर्ग नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और बीमारी से बचाने के लिए प्रोजेक्ट एल्डरलाइन के तहत टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14567 की व्यवस्था की गई है. कोरोना काल में इस टोल फ्री नंबर के जरिए जानकारी मिलने पर ऐसे अनेक बुजुर्गों की मदद सरकार ने की है. उनके स्वास्थ्य की चिंता करना, समय पर उनको इलाज दिलाना और साथ में भावनात्मक सहयोग देने का काम उत्तर प्रदेश में ‘प्रोजेक्ट एल्डरलाइन’ के तहत बड़े पैमाने पर किया जा रहा है.

आपको बता दें कि यूपी में यह सुविधा 14 मई से लागू की गई है. ‘प्रोजेक्ट एल्डरलाइन’ की देखरेख में लगे कर्मचारियों की मानें तो प्रत्येक दिन विभिन्न जनपदों से जरूरतमंदों के 80 से 90 फोन आते हैं. सुबह 8 बजे से शाम के 8 बजे तक कॉल सेंटरों के माध्यम से बुजुर्गों की सहायता की जाती है. इस प्रोजेक्ट को टाटा ट्रस्ट्स और एनएसई फाउंडेशन की सहायता से संचालित किया जा रहा है.







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