UP News: नारायणी नदी के बढ़े जलस्तर से कुशीनगर में तबाही, आधा दर्जन गांव बाढ़ के पानी से घिरे


हाइलाइट्स

नेपाल से पानी छोड़े जाने की वजह से कुशीनगर के कई गांव बाढ़ की चपेट में
बाढ़ की वजह फसलों के साथ ही आम जान जीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है

कुशीनगर. नेपाल में हो रही झमाझम बारिश से कुशीनगर में तबाही मच गई है. बाल्मीकि नगर बैराज से  4 लाख 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से नारायणी नदी का जलस्तर खतरे के निशान को छू रहा है, जिससे कुशीनगर जिले के कई गांवों में पानी भर गया है. नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने से तमकुहीराज और खड्डा तहसील के कई गांव पानी से घिर गये हैं. इन गांव में रहने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बाढ़ के पानी से खेतों में खड़ी फसलों का काफी नुकसान हुआ है. धान और केले की फसल बर्बाद हो गई है.

खड्डा तहसील के रेता इलाके में बसे मरिचहवा, शिवपुर, शाहपुर, बसंतपुर, हरिहरपुर सहित आधा दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं. इन गांवों का संपर्क टूट गया है. बाढ़ पीड़ितों के लिए जिला प्रशासन ने राहत कार्य शुरू किया है, लेकिन वह नाकाफी साबित हो रहा है. नेपाल के पहाड़ियों से निकलने वाली गंडक नदी महाराजगंज होते हुए कुशीनगर में प्रवेश करती है. कुशीनगर में इसे नारायणी नदी के नाम से जाना जाता है. बाल्मीकि नगर बैराज से नारायणी नदी में 4लाख 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद तमकुहीराज और खड्डा तहसील के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है.

डीएम ने किया बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा
डीएम  एस राजलिंगम ने आज बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया. बाढ़ पीड़ितों के लिए जिला प्रशासन ने राहत कैंप लगाया है, लेकिन ग्रामीणों को इससे भी राहत नहीं मिल पा रही है. डीएम एस राजलिंगम ने बताया कि बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है और बाढ़ प्रभावित गांव में काउम्यूनिटी किचेन शुरू कर दिया गया है, जिससे लोगों को राहत मिल सके.

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