UP News: अब वीरांगना की धरती से गौमाता देंगी ‘सोना’! जानें झांसी नगर निगम का पूरा प्लान


रिपोर्ट: शाश्वत सिंह

झांसी: झांसी में लगातार बढ़ते अन्ना पशुओं के आतंक को रोकने के लिए और गोवंश को संरक्षण देने के लिए नगर निगम ने एक अनूठी पहल की शुरुआत की है. नगर निगम द्वारा राजगढ़ में बनाए गए कान्हा उपवन गौशाला में सुधार के लिए एक अनोखी योजना शुरू की गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गौशालाओं को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की घोषणा के बाद झांसी नगर निगम ने यह प्रयोग शुरू किया है. इसकी मदद से जहां एक ओर दुधारू नस्ल को तैयार किया जाएगा तो वहीं दूसरी ओर गोवंश को सड़क पर छोड़ देने की प्रथा में भी कमी आएगी.

अन्ना पशु हैं एक बड़ी समस्या
झांसी के नगर पशुकल्याण अधिकारी डॉ राघवेंद्र सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में बुंदेलखंड के पशुपालकों के पास जो गाय हैं, वह बेहद कम दूध देती हैं. इस कारण लोग उन्हें सड़कों पर छोड़ देते हैं. ये गाय किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाती हैं. सड़क पर आकर यह कई समस्याओं का कारण बनती हैं. इनकी वजह से एक्सीडेंट भी होते हैं. इन्हीं पशुओं को संरक्षण देने तथा उनकी दूध उत्पादक क्षमता के इरादे से यह प्रयोग शुरू किया जा रहा है. इन पशुओं के रख-रखाव पर काफी धन भी खर्च होता है. इसी कारण से गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी सरकार द्वारा की जा रही है.

गिर नस्ल के सांड से होगा इनसेमिनेशन
सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत अनुदान की मदद से कुल 8 सांड गौशाला में मंगाए गए हैं. इसमें गिर नस्ल के सांड भी शामिल हैं. इसके अलावा साहीवाल और हरियाणा प्रजाति के सांड भी मंगाए गए हैं. इनकी मदद से गायों का इनसेमिनेशन करवाया जाएगा. इस प्रक्रिया से जो बछिया पैदा होंगी, वह कम से कम 8 से 10 लीटर दूध देंगी. वर्तमान में जो गाय गौशाला में आती हैं वह 1.5 से 2 लीटर दूध ही दे पाती हैं. राघवेंद्र सिंह ने उम्मीद जताई कि इस प्रयोग के नतीजे दो वर्ष में दिखने लगेंगे.

गोमूत्र में मिलता है सोना
आपको बता दें कि गिर नस्ल की गाय और सांड भारत में सबसे अच्छे माने जाते हैं. अधिक दूध देने के साथ ही गिर नस्ल की गाय के गोमूत्र में सोना भी पाया जाता है. जी हां, 2016 में गुजरात के जूनागढ़ एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (जेएयू) के एक प्रोफेसर ने यह खोज की थी. उन्होंने अपनी रिसर्च में यह दावा किया था कि गिर नस्ल की गाय सिर्फ दूध ही नहीं सोना भी देतीं हैं. 400 से अधिक गिर गायों पर रिसर्च करने के बाद उन्होंने 1 लीटर गौमूत्र में 3 से 10 एमजी सोना होने का दावा किया था.

निराश्रित गायों के संरक्षण के लिए शुरू किया गया कान्हा उपवन
गौरतलब है कि निराश्रित गायों और अन्ना पशुओं को संरक्षण देने के लिए 2020 में कान्हा उपवन गौशाला की शुरुआत की गई थी. इस गौशाला का रख-रखाव नगर निगम द्वारा किया जाता है. निराश्रित गोवंश को यहां लाने के बाद उनके भोजन और इलाज का भी पूरा ध्यान रखा जाता है. समय-समय पर सभी गायों का वैक्सीनेशन भी करवाया जाता है.

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