UP: कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने चलाया अभियान, सूचना देने पर 1 लाख का इनाम


हाइलाइट्स

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को हेडिंग बनाया गया
अवैध रूप अल्ट्रासाउंड केंद्र पर खास नजर
सीएमओ ने आम जनमानस से की अपील
मुखबिर योजना पर खास बल

प्रतापगढ़. यूपी प्रतापगढ़ में अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लिंग परीक्षण पर लगाम लगाने को लेकर स्वस्थ्य महकमें ने कमर कस ली है. लिंग परीक्षण की सूचना देने वाले को 60 हजार का इनाम दिया जाएगा. इसके लिए नकली ग्राहक बनकर लिंग परीक्षण का भंडाफोड़ करने वाले को 1 लाख व उसके सहयोगी को 40 हजार का इनाम दिया जाएगा. प्रतापगढ़ का स्वास्थ्य महकमा एक बार फिर गर्भ में मारे जा रहे शिशुओं पर अंकुश लगाने के लिए अभियान शुरू कर दिया है. इसके लिए आम लोगों को जागरूक करने व भ्रूण परीक्षण की जानकारी हासिल करने के लिए मुखबिर योजना के प्रचार प्रसार में जुट गया है. इसके लिए बाकायदा बड़े- बड़े स्टीकर बनाकर जगह जगह चस्पा किया जा रहा है.

इस मुहिम से लोगों को जोड़ने के लिए मुखबिर योजना के तहत स्टीकर में सबसे ऊपर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को होडिंग बनाया गया है. प्रसव पूर्व लिंग जांच व चयनित गर्भपात को दंडनीय अपराध बताते हुए लोगों से सूचना देने की अपील की गई है. इसके लिए पीसीपीएनडीटी अधिनियम 1994 के तहत गठित सलाहकार समिति के पदाधिकारियों. जिसमें जिला मजिस्ट्रेट के साथ ही जिले के 16 पदाधिकारियों के नाम पदनाम व मोबाइल नंबर जारी किया गया है. आम जनमानस से अपील की गई है कि किसी भी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर यदि लिंग परीक्षण की कोई जानकारी हो तो निम्नलिखित अधिकारियों को सूचित करें. ये सूचना पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी.

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सीएमओ जीएम शुक्ल ने बताया कि लिंग परीक्षण कानून संगेय अपराध है. लिंग परीक्षण पर अंकुश लगाने के लिए मुखबिर योजना चला रखी है. लिंग परीक्षण को पूरी तरह से बन्द करने के लिए सरकार द्वारा भारी भरकम राशि इनाम भी घोषित किया गया है. सीएमओ के मुताबिक लिंग परीक्षण की सटीक सूचना देने वाले व्यक्ति को 60 हजार का इनाम दिया जाएगा और यदि कोई ग्राहक बनकर अल्ट्रासाउंड केंद्र का लिंग परीक्षण का पर्दाफाश करता है तो उसे 1 लाख रुपये व उसके सहयोगी को 40 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा उसे सम्मानित किया जाएगा.

अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड केंद्र का संचालन
बता दें कि जिले में शहर से लेकर गांव तक बिना रेडियोलॉजिस्ट के अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित किए जा रहे हैं. जिनका मुख्य काम लिंग परीक्षण करना है. जबकि जांच कक्ष के बाहर एक नोटिस हर तरफ लिखा मिलता है कि यहां पर भ्रूण का लिंग परीक्षण नहीं किया जाता. लेकिन भ्रूण के लिंग परीक्षण की समय रहते जानकारी या लिखित जानकारी नहीं मिल पाती. जिसके चलते यह धंधा जोरो पर चल रहा है. जिसके चलते तमाम फीमेल भ्रूण को गर्भ में ही मार दिया जाता है.

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