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यूपी इलेक्शन से पहले मुस्लिम वोट बैंक पर विपक्षी दलों की नजर है.


यूपी इलेक्शन से पहले मुस्लिम वोट बैंक पर विपक्षी दलों की नजर है.

UP assembly election 2022: यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में पॉलिटिकल पार्टियां अपना एजेंडा सेट करने की कोशिश में जुट गई हैं. कांग्रेस, सपा और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ही नहीं, सत्ताधारी पार्टी भाजपा भी मुस्लिमों वोट बैंक पर नजरें गड़ाए हुए है.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव (UP assembly election 2022) होने हैं. कहने के लिए तो साल अगला है लेकिन सिर्फ कुछ महीने ही बचे हैं. ऐसे में पॉलिटिकल पार्टियां अपना एजेंडा सेट करने की कोशिश में लगी हैं. कांग्रेस, एसपी और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ही नहीं, सत्ताधारी पार्टी भी अंदरूनी खींचतान के बीच हर घटनाक्रम पर नजरें गड़ाए है. पिछले दो-तीन दिन में हुई बयानबाजी और अलीगढ़ के टप्पल में हुई घटना इस बात की ओर साफ इशारा करती है.

बस्ती में उलेमाओं की बैठक में कांग्रेस नेता नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी ने मुसलमानों से कांग्रेस के साथ आने की अपील की. मुसलमानों को रिझाने की कोशिश के बीच नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी कुछ ज्यादा ही बोल गए और कहा कि मुस्लिम कांग्रेस के साथ आ जाएं तो बीजेपी 2 सीटों पर सिमट जाएगी. कांग्रेस प्रवक्ता ओंकार सिंह कहते हैं कि पार्टी में हर वर्ग के डिपार्टमेंट होते हैं. हम वर्ग वार सभी से बात करके उनकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास कर रहे हैं इसमें कौन सी बड़ी बात हो गई.

एसपी सांसद एसटी हसन ने तो हद कर दी. हसन ने कहा कि पिछले 7 सालों से शरीयत से छेड़छाड़ के चलते पिछले 10 दिनों में दो तूफान आये हैं. जाहिर है पॉलिटिकल पार्टियां मिशन 2022 से पहले मुस्लिम कार्ड खेलने में जुट गई हैं. हालांकि नसीमुद्दीन सिद्दीक़ी के बयान पर बीजेपी ने तीखा हमला किया है. योगी सरकार के मंत्री मोहसिन रज़ा ने बयान की तुलना ISIS से कर दी. मोहसिन रजा ने कहा कि ये चाहते हैं समाजवादी पार्टी जिताओ-शरीया क़ानून लाओ, इनकी बोली और ISIS की बोली एक ही है.

दूसरी ओर अलीगढ़ के टप्पल इलाके में दलित परिवार की बारात में हुए हंगामे पर पॉलिटिक्स थमी नहीं है. AIMIM के स्थानीय नेता ने बीजेपी पर साजिश के तहत केस दर्ज कराने का आरोप लगाया है. गौरतलब है कि अलीगढ़ के टप्पल इलाके के गांव में एक मस्जिद के पास से बारात निकलने पर हंगामा हुआ था और लोगों ने घरों के बाहर लिख दिया था मकान बिकाऊ है. मामले की तुलना कैराना से होने लगी जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है.यूपी में लगभग 20 फीसदी मुस्लिम वोटर हैं और सौ से ज्यादा सीटों पर हार-जीत तय करते हैं. बहरहाल कोरोना की सेकेंड वेव के शांत होते ही अब सूबे का माहौल पूरी तरह से चुनावी होने जा रहा है और विपक्षी दलों की नजर मुस्लिम वोट बैंक पर है लेकिन राजनीतिक पिच तैयार नहीं हो पायी है. हालांकि सत्ताधारी पार्टी बीजेपी पूरी तरह से तैयार है और स्पिन बॉलर के ओवर में नो बॉल आते ही आक्रामक तेवर अपना रही है.







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