UK Top-5 News: बस-ऑटो में सफर हुआ महंगा; Covid-19 के ग्राफ ने बढ़ाई उलझन; अब घर बैठे करवाएं FIR


देहरादून. उत्तराखंड परिवहन विभाग ने सार्वजनिक ट्रांसपोर्ट के किराये में 25 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी कर दी है. बड़ी खबर यह भी है कि उत्तराखंड में पिछले एक महीने में कोविड संक्रमण के आंकड़े जिस तरह बढ़ रहे हैं, चिंता बढ़ाने लगे हैं. इसी हफ्ते में तीन मरीज़ों की मौत होने से स्वास्थ्य विभाग एक बार फिर चौकस हो रहा है. वहीं, मुफ्त बूस्टर डोज़ को लेकर अभियान छेड़ दिया गया है. इधर, एक और बड़ा मामला खाद्य पदार्थों में मिलावट का है और खाद्य विभाग उत्तर प्रदेश से आ रहे मिलावटी सामान से परेशान हो गया है.

पहले बात करें बढ़े हुए किराये की, तो रोडवेज बस से लेकर विक्रम, टैक्सी–मैक्स से सफर करने पर अब आपको 20 से 25 प्रतिशत तक ज्यादा पैसे देने होंगे. एसी, वॉल्वो की बस से आप सफर करेंगे तो 80 से 95 रुपये अतिरिक्त बोझ जेब पर पड़ेगा. ऑटो-रिक्शा में पहले 2 किमी तक 60 रुपये और उसके बाद 18 रूपये प्रति किलोमीटर रेट लगेगा. 5 से 7 सीटर क्षमता वाले 3 पहिया वाहन पहले 2 किलोमीटर पर 50 रुपये तक किराया लेंगे. इस बढ़ोत्तरी को ऐसे भी समझें.

– बस और टैक्सियों के किराये में लगभग 22% बढ़ोत्तरी
– चारधाम हेतु संचालित बसों के किराये में 27% बढ़ोत्तरी
– ऑटो और तिपहिया वाहनों का किराया 15 से 18% बढ़ा
– माल भाड़े में लगभग 38% की वृद्धि

ट्रांसपोर्ट वाले खुश तो लोग नाराज़
परिवहन विभाग का कहना है कि माल भाड़ा 2016 से नहीं बढ़ाया गया था और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर चार साल बाद 2020 में सिर्फ 12% किराया बढ़ा था. इधर, वाहन मालिक तो 45-60% तक किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे. यह भी गौरतलब है​ कि ई रिक्शा, किराये के दुपहिया वाहनों और एम्बुलेंस के लिए पहली बार दरें तय की गई हैं. इलेक्ट्रिक बस का किराया न बढ़ने से ये कारोबारी नाराज़ हैं, तो महंगाई से परेशान आम लोग भी किराये बढ़ने से नाखुश हैं.

कोविड नंबर बढ़े तो अब मची हलचल
इधर, उत्तराखंड में पिछले एक महीने में कोविड केसों में रोज़ाना बढ़ोत्तरी हो रही है. कभी 50 तो कभी 100 पार भी केस आ रहे हैं. इसी हफ्ते 3 लोगों की मौत भी रिकॉर्ड हुई. अब हर ज़िले के सीएमओ से डाटा कलेक्ट कर मॉनिटिरिंग की जा रही है. स्वास्थ्य सचिव ने मरीज़ों की मौत को चिंताजनक मानते हुए कहा चौथी वेव की आंशका के तहत जो तैयारियां हुई थीं, वो काम आ रही है. मगर लोगों की लापरवाही संक्रमण बढ़ने की वजह बन रही है.

75 दिन मुफ्त लगवा सकते हैं बूस्टर डोज़
इधर, देहरादून में 15 जुलाई से 75 दिन के लिए बूस्टर डोज़ मुहिम की शुरुआत हुई. 356 रुपये में मिलने वाला यह बूस्टर डोज़ 18 से 59 साल के लोग प्रदेश भर में 1000 से ज्यादा सेन्टरों पर इस दौरान मुफ्त लगवा सकते हैं. आजादी के अमृत महोत्सव के जश्न के मौके पर यह अभियान शुरू किया गया है. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोविड संक्रमण की रोकथाम में इससे मदद मिलेगी.

ज़ोरों पर है सेहत से खिलवाड़ का धंधा
आप दूध-दही-पनीर खरीदते समय सतर्क नहीं हैं, तो यह खबर आपकी आंखें खोल सकती है. प्रदेश में 70 परसेन्ट फूड प्रोडक्ट उत्तरप्रदेश समेत पड़ोसी राज्यों से आता है और यही खाद्य सुरक्षा विभाग का सिरदर्द है. पिछले एक साल में 443 सैम्पलों में से 116 फेल पाए गए. अलग अलग मामलों में सीजेएम कोर्ट में केस चल रहा है. खाद्य सुरक्षा अधिकारी पीसी जोशी के मुताबिक केवल मई में ही पनीर के 9 सैम्पल फेल मिले. वहीं डेरी एसोसिएशन से जुड़े लोगों का मानना है कि मिलावट दूधिये नहीं करते बल्कि आते समय रास्तों मे ही की जाती है.

अब घर बैठे कीजिए FIR
उत्तराखंड से एक बड़ी खबर यह भी है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ई एफआईआर सेवा को लॉन्च किया. उत्तराखंड में पहला ई थाना देहरादून में खोला गया. अब यहां शुरुआत में लोग चोरी से जुड़ी रिपोर्ट घर बैठे दर्ज करा सकेंगे. इसके अगले चरण में अन्य अपराधों की रिपोर्ट को शामिल किया जाएगा. वहीं, राज्य का महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार को एक प्रस्ताव भेज रहा है,​ जिसमें राज्य के 5000 से ज़्यादा मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को तकनीकी सुविधाएं दिए जाने की मांग है.

Tags: Public Transportation, Uttarakhand Corona Update



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