Suraj Kund: लखनऊ के सूरज कुंड में कभी नहीं सूखता पानी, स्नान करने से सभी पाप और रोग होते हैं दूर!


लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 1100 साल पुराना एक सूर्य मंदिर है. इसके ठीक पीछे एक सूरज कुंड  है. मान्यता है कि इसका पानी कभी नहीं सूखता. पौराणिक धार्मिक और शास्त्रों के अनुसार इसके बारे में कहा जाता है कि जब श्री राम के छोटे भाई लक्ष्मण सीता मां को वन छोड़ने जा रहे थे, उस वक्त उन्होंने सूर्य मंदिर में विश्राम करने के साथ ही इस सूरज कुंड को भी देखा था. वहीं, सूर्य मंदिर के महंत कुरुक्षेत्र गिरी महाराज ने बताया कि सूरज कुंड पौराणिक है. इसका धार्मिक महत्व है. इसका पानी कभी नहीं सूख सकता.

लखनऊ के जाने-माने इतिहासकार स्वर्गीय डॉ. योगेश प्रवीण ने अपनी किताब में लिखा था कि यहसूरज कुंड बेहद प्राचीन है, इसका धार्मिक और पौराणिक महत्व है. नवाब भी इस कुंड का इस्तेमाल करते थे. बहरहाल वर्ष 2015 में इस कुंड की खुदाई के दौरान कई पुराने सामान मिले थे. इसका सौंदर्यीकरण भी लखनऊ विकास प्राधिकरण ने कराया था. वर्तमान में सूरज कुंड पार्क लखनऊ विकास प्राधिकरण के अधीन है. इस सूरज कुंड में स्नान करना या कोई भी सामान विसर्जित करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है.

लखनऊ के ज्योतिषाचार्य ने कही ये बात
लखनऊ के ज्योतिषाचार्य राकेश पांडेय ने बताया कि सूरज कुंड अति प्राचीन है. शास्त्रों में इसका उल्लेख भी है.रामायण काल से ही इसका पानी सूखा नहीं है. उन्होंने भी लक्ष्मण द्वारा यहां पर विश्राम करने की बात कही. साथ ही बताया कि सूरज कुंड जैसे कुंड में स्नान करने से सभी पाप और रोग दूर हो जाते हैं, इसीलिए सूरज कुंड का हिंदू धर्म में धार्मिक महत्व अधिक है.

ऐसे पहुंचें सूर्य कुंड
अगर आप सूरज कुंड जाना चाहते हैं, तो किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज से जब आप कैसरबाग की ओर बढ़ने लग जाते हैं तो आप के बाएं हाथ पर डालीगंज पुल आता है. उससे कुछ ही मीटर आगे चलने पर दाएं हाथ पर सूर्य मंदिर है. उसके ठीक पीछे सूरज कुंड है, जहां फ्री एंट्री मिलती है.

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FIRST PUBLISHED : November 17, 2022, 14:03 IST



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