सुप्रीम कोर्ट ने दी आरा मशीन मालिकों को राहत, एक लाख लोगों को मिल सकता है रोजगार


हाइलाइट्स

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और आरा मशीन मालिकों को दी राहत
कहा- प्रोविजनल लाइसेंस जारी कर सरकार ने किया सही फैसला
उत्तर प्रदेश में एक लाख बेरोजगार लोगों को मिल सकता है रोजगार

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में आरा मशीनों के प्रोविजनल लाइसेंस को लेकर चल रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और 1215 आरा मशीन मालिकों को बड़ी राहत दी है. सुप्रीम कोर्ट ने माना कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 1215 आरा मशीनों मालिकों को प्रोविजनल लाइसेंस जारी करके सही फैसला किया.सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उत्तर प्रदेश में अब करीब 1 लाख लोगों को रोजगार मिलने का रास्ता साफ हो गया है. इसके साथ ही कोर्ट ने एनजीटी के 18 फरवरी 2020 को दिए आदेश को भी रद्द कर दिया.

उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2019 की 1 मार्च को इन आरा मशीन मालिकों प्रोविजनल लाइसेंस जारी किए थे. बता दें, जिस वक्त सरकार ने आरा मशीन मालिकों को प्रोविजनल लाइसेंस दिए थे, उस वक्त एनजीटी ने इस पर रोक लगा दी थी. एनजीटी ने 18 फरवरी, 2020 को आदेश पारित करके उत्तर प्रदेश की स्टेट लेवल कमेटी (एसएलसी) द्वारा जारी आरा मशीनें लगाने के 614 प्रोविजनल लाइसेंस रद्द कर दिए थे.

एनजीटी ने जताई थी ये आशंका
एनजीटी ने कहा था कि आंकड़े देखने से पता चलता है कि नई आरा मशीनें चालू करने के लिए मुश्किल से ही कोई औद्योगिक लकड़ी उपलब्ध होगी. नई आरा मशीनें खोलने से ऐसी स्थिति आने की आशंका होगी जिसमें किसी नए उद्योग को आवंटित करने के लिए पर्याप्त लकड़ी ही न बचे. ऐसे में ये आरा मशीनें गैरकानूनी तरीके अपना सकती हैं.

एनजीटी के आदेश के खिलाफ याचिका
एनजीटी ने एफएसआइ की रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए लाइसेंस रद्द कर दिए थे. उसने राज्य सरकार को नए सिरे से सर्वे करने का आदेश दिया था. इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार और 250 से ज्यादा लाइसेंस धारकों ने एनजीटी के आदेश को विभिन्न याचिकाओं के जरिये चुनौती दी थी. आरा मशीनों मालिको की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में वकील राजीव दुबे ने अर्जी दाखिल की थी. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दे दिया. इस फैसले से उत्तर प्रदेश में एक लाख लोगों को रोजगार मिलने का रास्ता भी साफ हो गया.

Tags: Lucknow news, Supreme Court, Uttar pradesh news



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