Supertech Twin Tower मामले में फंसे 3 पूर्व अधिकारी, मामला दर्ज


नोएडा. गौतमबुद्धनगर में सुपरटेक के अवैध ट्विन टावर को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) देने में कथित तौर पर अनियमितता बरतने के आरोप में गौतमबुद्ध नगर के तीन पूर्व प्रमुख दमकल अधिकारियों (सीएफओ) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. दमकल सेवा मुख्यालय (लखनऊ) के पुलिस उप महानिरीक्षक द्वारा की गई जांच के मद्देनजर दमकल विभाग के एक मौजूदा अधिकारी की शिकायत पर यह प्राथमिकी फेज-2 पुलिस थाने में दर्ज की गई है.

नोएडा के सेक्टर 93ए स्थित करीब 100 मीटर ऊंचे ट्विन टावर को उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में 28 अगस्त को ध्वस्त किये जाने का कार्यक्रम है. प्राथमिकी में कहा गया है कि सुपरटेक लिमिटेड को दमकल विभाग से मिले अनापत्ति प्रमाणपत्र की जांच की गई जिसमें उक्त अधिकारियों को दोषी पाया गया. पुलिस के अनुसार, तीन पूर्व सीएफओ-राजपाल त्यागी, आई एस सोनी और महावीर सिंह- के खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

गौरतलब है कि इससे पहले दोनों टावरों को गिराने के लिए 21 अगस्त तय की गई थी लेकिन अब ये 28 अगस्त को ध्वस्त किए जाएंगे. यदि 28 अगस्त को भी किसी तकनीकी समस्या या मौसम खराब होने की वजह से नहीं गिराया जा सका तो 4 सितंबर तक समय सीमा बढ़ाई जा सकती है. यह आदेश सुप्रीम कोर्ट पांच दिन पहले दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने पहले 21 अगस्त को इन इमारतों को गिराने की तारीख तय की थी. ये इमारतें नियमों का उल्लंघन कर के बनाई गई हैं, इसलिए इन्हें अवैध माना गया है. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की बेंच ने 29 अगस्त से 4 सितंबर तक एक हफ्ते का “बैंडविड्थ” इस आधार पर दो टावरों को ध्वस्त करने की कवायद में लगी एजेंसियों को इस आधार पर दिया कि विशाल इमारतों को गिराने में तकनीकी और मौसम की स्थिति के लिए कुछ मामूली देरी हो सकती है.

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