सब्जी बेची, पार्षद बना, मर्डर किया; 7 साल फरारी काटी, हिंदू बनकर छिपे रहे तांत्रिक की कहानी


मेरठ. यूपी एसटीएफ को बड़ी कामयाबी मिली है. पचास हजार का इनामी नजाकत उर्फ पप्पू उर्फ संजय शर्मा को गिरफ्तार किया. आरोपी 2015 से पुलिस कस्टडी से फरार हुआ था. आरोपी तांत्रिक बनकर लोगों को गड़ा धन निकालने और दोगुना करने का लालच देता था. नजाकत उर्फ पप्पू बनियावाला खेत रसीदनगर थाना ब्रहमपुरी मेरठ का मूल रूप से रहने वाला है. फिलहाल उसका निवास रशीदनगर थाना लिसाड़ी गेट मेरठ में है. आरोपी के पास से एक लग्जरी कार, दो मोबाइल भी बरामद हुए. नजाकत के सब्जी बेचने से लेकर हिंदू तांत्रिक बनने की कहानी हैरान करने वाली है.

अपर पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ फील्ड यूनिट मेरठ) बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि 2015 में कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस कस्टडी से फरार पचास हजार रुपये का इनामी बदमाश नजाकत उर्फ पप्पू थाना सिविल लाइन जनपद मेरठ क्षेत्र के अंतर्गत गोल मार्केट पर अपने भाई से मिलने के लिए आने वाला है. सूचना पर एसटीएफ मेरठ से निरीक्षक सुनील कुमार के नेतृत्व में टीम ने गोल मार्केट से घेराबंदी करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया. आरोपी नजाकत ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए.

दो साल तक बेची सब्जी
नजाकत ने बताया, ‘1998-99 में मैंने चौधरी चरण विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया. उसके बाद सब्जी मंडी मेरठ में सब्जी की दुकान ली और दो साल तक सब्जी बेची. फिर प्रॉपर्टी का काम करने लगा. साथ-साथ टीवी न्यूज चैनल भी चलाता था. 2007 से 2012 तक रसीदनगर का पार्षद रहा. पार्षद रहते हुए 2009 में कॉपरेटिव बैंक का वाइस चैयरमेन बना लेकिन कुछ विवादों के चलते लगभग दो महीने बाद पद से हट गया. 2005 में पहली बार तमंचे और कारतूस के मुकदमें में जेल गया. तीन दिन बाद जमानत हो गई. जमानत के बाद पैसे कमाने के लिए अपने साढू सिराज के साथ मिलकर तांत्रिक बनकर लोगों को गड़ा धन निकालने और दोगुना धन करने तथा पुत्र प्राप्ति आदि का उपाय बताकर भोले-भाले और अंधविश्वासी लोगों को बहकाकर ठगना शुरू कर दिया. इस काम से बहुत पैसा कमाया.’

आरोपी ने आगे पुलिस को बताया, ‘2007 में ब्रहमपुरी के रहने वाले रामकुमार ने मेरे खिलाफ एक ठगी का मुकदमा लिखाया था. मैंने उससे 50 हजार की ठगी की थी. इसी साल हरियाणा के हिसार में एक व्यक्ति ने मेरे खिलाफ ठगी का मुकदमा लिखाया, जिसमें लाख रुपये की ठगी की थी. 2008 में थाना ब्रहमपुरी ने मेरे और मेरे साथी अनीस आदि के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने संबंधी मुकदमा दर्ज हुआ था. 2013 में राजस्थान में राजगढ़ की रहने वाली मधु अग्रवाल ने मेरे विरुद्ध ठगी का मुकदमा कराया था जिसमें पांच लाख रुपये की ठगी की थी.’

2013 में हत्या का केस दर्ज
नजाकत ने आगे बताया, ‘2013 में शकूरनगर लिसाड़ी गेट के रहने वाले बिलाल से झगड़ा हो गया था जिसमें उसकी हत्या हो गई थी. हत्या के अपराध में जेल चला गया. हत्या का मुकदमा थाना ब्रहमपुरी मेरठ में पंजीकृत है. जेल में मेरी मुलाकात मोहल्ले के शाकिर से हुई. शाकिर बलात्कार के केस में वर्ष 2008 से जेल में बंद था. शाकिर से अच्छी दोस्ती हो गई. फिर अपने पैरोकारों के जरिये उसकी जमानत कराई . 26 सितंबर 2015 को मैं जिला कारागार से कोर्ट में पेशी पर आया था. कोर्ट में पेशी होने के बाद अपने साथ आये पुलिसवालों से साठगांठ की और उनके साथ में फूलबाग कालोनी थाना नाचंदी गया. वहां पर अपनी महिला मित्र को पहले से बुला रखा था. महिला मित्र से मिलने के लिए अलग कमरे में चला गया तथा पुलिसवाले बाहर बैठे थे. उस कमरे में पीछे से निकलने का रास्ता था. जिस रास्ते पर पूर्व नियोजित योजनानुसार शाकिर बाइक लिये तैयार खड़ा था. फिर शाकिर के साथ फरार हो गया.’

7 साल तक काटी फरारी
आरोपी ने बताया, ‘शाकिर को छोड़कर अपने एक परिचित के पास आगरा चला गया. आगरा में दो-तीन महीने छिपकर रहने के बाद अपने मामा के लड़के तस्लीम के पास शिमला चला गया. वहां 6-7 महीने छिपकर रहा. उसके बाद हरियाणा के हिसार में अपने पूर्व परिचित बलदेव के यहां करीब 7-8 महीने छिपा रहा. फिर वहां से झूंझनुं चला गया. इसके बाद सीकर में अपने दोस्त मनोहर शर्मा के यहां करीब 4-5 महीने रहा. मिर्जापुर अपने जेल के साथी सतीश पाल के यहां गया और करीब एक वर्ष वहां रहने के बाद परिचित भूपेन्द्र सिंह घोरावल के यहां सोनभद्र चला गया. वहां कुछ समय रहने के बाद इलाहाबाद में एक मंदिर मे बाबा के पास लगभग एक साल रहा. उसके बाद इलाहाबाद से बनारस की रहने वाली पूजा के पास एक साल रहा. वह मेरी पूर्व परिचित थी. करोना काल में पश्चिम बंगाल अपने परिचित सुभाष घोष के यहां रहा. फरारी के दौरान ही अपनी एक महिला मित्र से साठगांठ करके 5 व्यक्तियों के खिलाफ 2019 में जनपद प्रतापगढ़ में बलात्कार का झूठा मुकदमा दर्ज कराया था. जिन 5 व्यक्तियों के विरुद्ध रेप का मुकदमा दर्ज कराया, वे सभी व्यक्ति मेरे खिलाफ हत्या के मुकदमे में गवाह थे. हालांकि बाद में पुलिस ने जांच में मुकदमे को झूठा पाकर खत्म कर दिया था.’

दिल्ली में बन गया संजय शर्मा
नजाकत ने बताया, ‘2020 में दिल्ली आ गया. दिल्ली आकर रोहिणी के अनुभव अपार्टमेंट में एक फ्लैट नंबर 18 सी खरीदा. रजिस्ट्री अपनी पत्नी नसरीन के नाम कराई और संजय शर्मा बनकर रहने लगा. संजय शर्मा के नाम से ही मैंने दो लग्जरी गाड़ियां खरीदीं. दिल्ली के करोलबाग में बैंज इन्टरनेशनल होटल लीज पर लिया और उसी की कमाई से जीवनयापन चलता रहा. इसी दौरान में अपने परिचितो के पास इधर-उधर आता-जाता रहता था.’

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