रुको, वरना गोलियों से भून दूंगा… फिल्मी अंदाज में चलती ट्रेन में ताबड़तोड़ फायरिंग,

2 महिला समेत तीन को लगी गोली

पटना/बिहार:- पटना में अपराधियों ने चलती हुई पटना-झाझा मेमू पैंसेजर में ताबड़तोड़ फायरिंग कर दहशत फैला दी। फिल्मी अंदाज में ट्रेन में सवार पांच-छह बदमाशों ने सालिमपुर सम्मतपुर के भूषण हत्याकांड के मुख्य गवाह सुनील प्रसाद (45) को लक्ष्य कर करीब 12 राउंड गोलियां दागीं।

ताबड़तोड़ फायरिंग में सुनील के कमर के नीचे दो गोली लगी जबकि पास में बैठीं दो महिला यात्री भी गोली लगने से जख्मी हो गईं। जमीन विवाद को लेकर चली आ रही पुरानी रंजिश व हत्याकांड के मुख्य गवाह सुनील को अपराधी रास्ते से हटाना चाहते थे। घायलों में सुनील प्रसाद के अलावा वैशाली जिले के जुड़ावनपुर थाना क्षेत्र के मोहनपुर निवासी प्रमोद दास की पत्नी ललिता देवी व सलीमपुर थाना क्षेत्र के हिदायतपुर निवासी देवकी साव की पत्नी दरपनिया देवी शामिल हैं।
घायल सुनील के परिजनों ने बताया कि तीन माह पूर्व जमीन विवाद में मेरे परिवार के ही भूषण यादव की हत्या की गई थी। इस हत्याकांड में सुनील प्रसाद भी गवाह है। उसे रास्ते से हटाने की नीयत से आरोपितों ने ही सुनील पर जानलेवा हमला किया है। गोलीबारी करने वाले भूषण हत्याकांड में आरोपित हैं जबकि एक आरोपित कौशल यादव जेल में बंद है। जीआरपी प्रभारी सूर्यदयाल सिंह व रेल थाना अध्यक्ष आलोक प्रताप सिंह ने कहा कि अभी तक जख्मी का फर्द बयान अस्पताल से नहीं आया है। फर्द बयान आने के बाद केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद कुछ यात्रियों और जीआरपी के सहयोग से घायल सुनील को खुसरूपुर पीएचसी ले जाया गया। जहां चिकित्सक अरविंद कुमार ने प्राथमिक उपचार कर एनएमसीएच रेफर किया। इस दौरान दो अन्य महिलाओं को भी इलाज किया गया। लोगों ने बताया कि गंभीर रूप से घायल सुनील पटना जा रहा था।

दानापुर रेल मंडल के खुसरूपुर स्टेशन के समीप झाझा से चलकर पटना आने वाली झाझा-पटना मेमू ट्रेन में गोलीबारी की घटना से बोगी में हलचल मच गई। यात्रियों में अफरातफरी मचने से लोग इधर-उधर भागने लगे। यात्री खिड़की से कूदने के साथ-साथ गेट से भी कूदने लगे। ट्रेन के रुकने के बाद भगदड़-सी मच गई। वहीं, चंद मिनट में खुसरूपुर जीआरपी मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को अस्पताल भिजवाया गया। पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि झाझा-पटना मेमू पैसेंजर ट्रेन एक 11:27 से 11:43 बजे तक घटनास्थल पर रुकी रही। यानी ट्रेन 16 मिनट तक घटनास्थल पर रुकी रही। हालांकि, ट्रेन अपने निर्धारित समय पर पटना जंक्शन पहुंच गई। इस ट्रेन के अलावा कोई दूसरी ट्रेन न तो देर हुई न ही रेलवे के परिचालन पर असर पड़ा है।

मंझौली हॉल्ट से मेमू के खुलने पर ट्रेन में सवार यात्री बातों में मशगूल थे। इसी बीच करीब 11 बजकर 27 मिनट पर पीछे से बोगी नंबर चार में अचानक गोलियों के तड़तड़ाने से यात्रियों में भगदड़ मच गई। अपनी जान बचाने के लिए ट्रेन में सवार कुछ यात्री सीट के नीचे छिप गए तो ज्यादातर यात्री आगे की बोगी की ओर भागने लगे। ऐसे में ट्रेन में लोगों की चीख- पुकार मच गई। यात्री भागो-भागो व घायल कराहते हुए बचाओ-बचाओ की गुहार लगाने लगे। महिलाओं और बच्चों की रोने की आवाज गूंजने लगी। इसी बीच गाड़ी खुसरूपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर रुकी तो बदमाश ट्रेन से कूद कर भाग निकले। वहीं अधिकतर यात्री भी कूद कर भाग खड़े हुए। कुछ लोग ट्रेन से ऐसे भागे जैसे उनके पीछे मौत का साया हो।

ट्रेन में सवार यात्रियों का कहना था कि हमलावरों को खाकी का कोई खौफ नहीं था। वह पूरी योजना के साथ ट्रेन में सवार हुए थे। हमलावर हट्टा-कट्टा थे। जींस पहने हुए थे। किसी ने मुंह तक नहीं ढंका था। गोलियां बरसाते वक्त बदमाश बार-बार कह रहे थे, मारो इसको, बहुत बनता है ये..। वहीं, कमर के नीचे गोली लगने से जख्मी सुनील कुमार व दोनों महिला यात्री सीट के नीचे गिरकर बचाओ-बचाओ की गुहार लगाने लगीं। फिर भी हमलावरों को उनकी पीड़ा पर तरस नहीं आई। वहीं, गोली दाग रहे बदमाशों को पकड़ने के लिए कुछ यात्री आगे बढ़े लेकिन बदमाशों ने पिस्टल तान दी। धमकी देते हुए कहा कि जहां हो वहीं खड़े रहो, वरना गोलियों से भून दूंगा..। बदमाशों की इस धमकी से ट्रेन में सवार यात्री तमाशबीन बने रहे।

चलती ट्रेन में गोलियां बरसाने की घटना सामने आई है। गोलीबारी में घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के पीछे भूमि विवाद को लेकर चली आ रही पुरानी रंजिश व पूर्व में हुए हत्याकांड के गवाह को मारने की बात कही जा रही है। फर्द बयान के आधार पर केस दर्ज कर आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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