पश्चिमी यूपी का हाल :हड़ताल से हजारों घरों की बत्ती गुल, पानी को तरसे लोग, सैकड़ों गांवों में छाया अंधेरा – Electricity Supply To More Than A Thousand Villages Has Stopped Due To The Strike Of Workers In Western Up


देहात में बेहट, सलेमपुर गदा, घुन्ना, दाबकी, हाकिमपुरा, दाबकी, सरसावा, अंबेहटा, सरसावा, कैलाशपुर, आईटीआई, देवबंद, नागल, रामपुर मनिहारान, नानौता, हाजीपुर, गंगोह और नकुड़ के करीब 800 गांवों में शुक्रवार रात 12 बजे तक बिजली ठप हो गई थी। सलेमपुर गदा बिजलीघर से जुड़े गांव रसूलपुर, कवादपुर, चकखीजपुर, टोडरपुर, नुनयारी, जोधेबांस, कांसेपुर, बहरामपुर, तिड़कुआ, टटोहल, धौलरा आदि गांवों में अंधेरा रहा।

नागल में दंघेड़ा के पास बिजली लाइन पर पेड़ गिरने से आपूर्ति ठप हो गई। इससे नागल, आमकी दीपचंदपुर, दंघेड़ा, भलस्वा ईसापुर, लाखनौर में बिजली सप्लाई बंद रही। देवबंद एसडीएम संजीव कुमार ने पुलिस के साथ उपकेंद्रों पर जाकर बिजली बहाल कराने का प्रयास किया। अंबेहटा में 14 घंटे बाद आपूर्ति बहाल हुई। आलम यह रहा कि शनिवार को दोपहर तक कहीं पर बिजली सुचारु हुई तो कहीं पर ठप ही रही। गांवों में सबमर्सिबल पंप, मोबाइल फोन, कंप्यूटर, आटा चक्की और ई-रिक्शा तक चार्ज नहीं हो पाए।

कंट्रोल रूम में पहुंची 200 से अधिक शिकायत

घंटाघर स्थित विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता कार्यालय के पास जनपदीय कंट्रोल रूम बनाया गया है। विद्युत कर्मियों की हड़ताल के चलते कंट्रोल रूम में शिकायतें आ रही हैं। शनिवार को 200 से अधिक बिजली नहीं आने, कनेक्शन कटने आदि की शिकायत पहुंचीं।

नगर निगम के टैंकरों से कराई पानी की सप्लाई

विद्युत कर्मियों की हड़ताल से बिजली गुल हुई तो लोग पानी के लिए भी तरस गए। इसके बाद पूर्व पार्षद मंसूर बदर ने नगर निगम से पानी के तीन टैंकर बुलाए और उन्हें सराय शाहजी और मछियारान में खड़ा कराया। उसके बाद मोहल्ला खटीकान, आली की चुंगी, साबरी का बाग, गाडो का चौक, इंदिरा चौक, शाहदत पुलिस चौकी मार्ग, मेहंदी सराय, इस्लामिया स्कूल मार्ग आदि मोहल्लों में टैंकरों से जलापूर्ति कराई गई।



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