प्रयागराज हिंसाः मास्टरमाइंड जावेद के समर्थन में उतरे वकीलों को हाईकोर्ट से लगा झटका


प्रयागराज. प्रयागराज हिंसा के मास्टरमाइंड जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप के घर पर बुलडोजर चलाए जाने के मामले को लेकर दाखिल पत्र याचिका पर सुनवाई से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंकार कर दिया है. अधिवक्ता मंच से जुड़े हाईकोर्ट के आधा दर्जन वकीलों की तरफ से चीफ जस्टिस को पत्र याचिका भेजी गई थी. पत्र याचिका पर हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस ने सुनवाई से इंकार करते हुए कहा है कि इस मामले में औपचारिक तौर पर याचिका दाखिल की जा सकती है. एक्टिंग चीफ जस्टिस ने कहा है कि याचिका दाखिल कर मुकदमे को उसी दिन सुने जाने की अपील की जा सकती है. पत्र याचिका दाखिल करने वाले वकील के के राय के मुताबिक औपचारिक याचिका तैयार की जा रही है. उन्होंने कहा है कि कल सुबह हाईकोर्ट में औपचारिक याचिका दाखिल कर दी जाएगी और अदालत से इस याचिका को कल ही सुने जाने का अनुरोध भी किया जाएगा.

अफसरों पर हो कार्रवाई
अधिवक्ता के के राय ने कहा है कि याचिका में जावेद मोहम्मद के परिवार वालों का घर तोड़े जाने का मुआवजा दिए जाने और जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की जाएगी. याचिका में कोर्ट को यह बताया जाएगा कि मकान जावेद मोहम्मद की पत्नी परवीन फातिमा के नाम से था. जबकि प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने नोटिस जावेद मोहम्मद के नाम का जारी किया था. इसलिए किसी को नोटिस दिए बिना उसका मकान सीधे तौर पर ध्वस्त किया जाना गलत है. यदि याचिका कल दाखिल होती है, तो कल इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हो सकती है. इस मामले में एक्टिंग चीफ जस्टिस मनोज गुप्ता की बेंच सुनवाई कर सकती है.

गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस गोविंद माथुर द्वारा कार्रवाई को पूरी तरह गलत बताए जाने के बाद मामला गरमाया है. जस्टिस गोविंद माथुर ने एक अखबार को दिए गए इंटरव्यू में जावेद मोहम्मद के घर की गई सरकारी कार्रवाई को पूरी तरह गलत बताया है. गौरतलब है कि पूर्व चीफ जस्टिस गोविंद माथुर ने सीएए आंदोलनकारियों के पोस्टर सार्वजनिक तौर पर लगाए जाने के खिलाफ आदेश भी पारित किया था.

उल्लेखनीय है कि प्रयागराज में जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के बाद वारदात का मास्टरमाइंड बताया जा रहा जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप के मकान पर प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया था. वहीं जावेद के घर से अवैध हथियार व आपत्तिजनक पोस्टर भी बरामद किए हैं. बताया जा रहा है कि जिस मकान को गिराया गया उसकी कीमत करीब 5 करोड़ रुपये है.



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