प्रयागराज हिंसा: ‘मास्टरमाइंड’ जावेद पंप का घर ध्‍वस्‍त होने के बाद इलाके में दहशत, लोग खाली कर रहे दुकानें


प्रयागराज. यूपी की संगम नगरी प्रयागराज में शुक्रवार (10 जून) को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के बाद अटाला इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है. हिंसा के मास्टरमाइंड जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप के मकान पर बुलडोजर की कार्रवाई के बाद तमाम लोग दशहत में हैं. दरअसल लोगों को इस बात का खौफ है कि कभी भी बुलडोजर का मुंह उनके अवैध निर्माणों की तरफ भी हो सकता है.

यही वजह है कि अटाला इलाके में तमाम दुकानदार अवैध बनी अपनी दुकानों का सामान खाली करने में लगे हैं. लोग इस आशंका से डरे हुए हैं कि जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप पर कार्रवाई के बाद कभी भी प्रयागराज विकास प्राधिकरण का बुलडोजर उनके इलाके में भी आ सकता है.

प्रयागराज में जुमे हिंसा के बाद एक्‍शन में बुलडोजर
दरअसल जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की थीं, जिसमें 80 से ज्यादा लोगों को नामजद और 5000 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. वहीं, इस मामले में अब तक पुलिस ने 92 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. जबकि वीडियो के आधार पर अन्य लोगों की तलाश की जा रही है.

अटाला इलाके में फोर्स का कड़ा पहरा
जुमे की नमाज के बाद हुई घटना के तीन दिन बाद भी अटाला इलाके में पुलिस, पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स का पहरा है. लोग अपने घरों में कैद हैं. बुजुर्ग और महिलाएं ही इक्का-दुक्का घरों से बाहर निकल रहे हैं. हालांकि इलाके में शांति बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद लोगों के बीच इस बात की चर्चा है कि कभी भी बुलडोजर की कार्रवाई शुरू हो सकती है. एफआईआर दर्ज होने के बाद राजस्व और पीडीए की टीम ने अटाला इलाके में उपद्रव में शामिल और हिंसा भड़काने वाले लोगों के अवैध निर्माणों को चिन्हित कर लिया है, जिसके बाद इसके खिलाफ कार्रवाई की चर्चाएं तेज हैं.

हालांकि प्रयागराज विकास प्राधिकरण के अफसरों के मुताबिक, आज कोई कार्रवाई नहीं होने जा रही है. ऐसा माना जा रहा है कि पीडीए, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी इस मामले में अपनी एक्सरसाइज पूरी करने के बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अमल कर सकते हैं.

Tags: Prayagraj News, UP police, UP Violence



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