Prayagraj Violence: हिंसा के ‘मास्टरमाइंड’ जावेद मोहम्मद का घर ध्‍वस्‍त, कार्रवाई के खिलाफ HC में याचिका


प्रयागराज. यूपी के प्रयागराज में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के मास्टरमाइंड जावेद मोहम्मद के घर पर यूपी सरकार का बुलडोजर जमकर गरजा. करीब पांच घंटे की कवायद के बाद प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी कर डाली. हालांकि इसके बाद जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप के मकान के ध्वस्तीकरण के खिलाफ अधिवक्ता मंच की तरफ से इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक पत्र याचिका भेजी गई है. इस में आरोप लगाया गया है कि जिस मकान को प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने ध्‍वस्‍त किया है, वह जावेद पंप के नाम पर नहीं बल्कि उनकी पत्‍नी के नाम पर है.

यह पत्र याचिका प्रयागराज के अधिवक्ता मंच से जुड़े हाईकोर्ट के छह अधिवक्ताओं की ओर से दाखिल की गई है. जबकि पत्र याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस राजेश बिंदल को भेजी गई है. इसमें
आरोप लगाया गया है कि अवैध तरीके से जावेद मोहम्मद की पत्नी परवीन फातिमा का मकान ध्वस्त किया गया है.

अधिवक्ता मंच ने किया ये दावा
प्रयागराज के अधिवक्ता मंच के अधिवक्ता केके राय, मोहम्मद सईद सिद्दीकी, राजवेन्द्र सिंह, प्रबल प्रताप, नजमुस साकिब खान और रविंद्र सिंह ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र याचिका भेजी है. इसमें कहा गया है कि यह मकान जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप का नहीं बल्कि उनकी पत्नी परवीन फातिमा के नाम है. जबकि यह मकान परवीन फातिमा को उनके पिता से शादी से पूर्व गिफ्ट के रूप में मिला था.

साथ ही कहा गया है कि घर पर जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप का मालिकाना हक ना होने के बावजूद उन्हें नोटिस दिया गया. वहीं, मकान उनकी पत्नी का गिराया गया है. इसके साथ अधिवक्ता मंच ने पीडीए की कार्रवाई को अवैध बताते हुए मुआवजा और दोषी अधिकारियों को दंडित किए जाने की मांग की है. वहीं, जावेद मोहम्मद की बेटी सुमैया फातिमा ने कहा है कि मेरे पिता को प्रयागराज हिंसा में जानबूझकर फंसाया गया है, वह तो लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने से मना कर रहे थे.

Tags: Allahabad high court, UP police, UP Violence



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