PM Jan Aushadhi: गाजियाबाद में दम तोड़ रहे जन औषधि केंद्र, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान!


रिपोर्ट- विशाल झा

गाजियाबाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendara Modi) ने जनता को सस्ती दवाएं उपलब्‍ध कराने के इरादे से देशभर में जन औषधि केंद्र खुलवाए थे. मकसद था कि इन केंद्र पर प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi Pariyojana ) के द्वारा आम नागरिकों को सस्ती और आसानी से दवाएं मिल सकें. जबकि इन दुकानों पर मिलने वाली दवाएं प्राइवेट कंपनियों की ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 90 फीसदी तक सस्ती होती हैं. यही नहीं, जन औषधि केंद्र पर तकरीबन 500 से 800 प्रकार की दवाएं उपलब्ध होती हैं, जिसमें कैंसर तक की दवा शामिल है. हालांकि गाजियाबाद में जन औषधि केंद्र दम तोड़ते नजर आ रहे हैं.

गौरतलब है कि पिछले 6 महीनों में गाजियाबाद में 10 जन औषधि केंद्र बंद हो चुके हैं. इन बंद हुए जन औषधि केंद्र में संजय नगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल का जन औषधि केंद्र भी शामिल है. औषधि केंद्रों के मालिकों का कहना है कि प्राइवेट डॉक्टर मरीजों के पर्चे पर ब्रांडेड दवा लिखते हैं. ऐसी स्थिति में दवाओं की बिक्री नहीं हो पाती है. इस कारण मजबूरन केंद्र बंद करने पड़ रहे हैं.

News 18 Local ने की पड़ताल
न्‍यूज़ 18 लोकल की टाम ने डॉक्टर और केंद्र संचालक दोनों से बात की. संयुक्त अस्पताल के सीएमएस विनोद पांडे ने हमें बताया कि जन औषधि केंद्र पर फार्मासिस्ट नहीं बैठते है, जिसके कारण से डॉक्टर की लिखी दवा या तो समझने में उन्हें काफी समय लग जाता है या वो समझ ही नहीं पाते है. हमारे डॉक्टरों की ये पूरी कोशिश रहती है कि मरीजों कों ऐसी दवा लिखी जाएं जिससे उन्हें परेशानी में जल्द आराम मिले और वो दवा भी आसानी से उपलब्ध हो.

लोगों को जागरुक करने की जरूरत
News 18 local की टीम फिर पहुंची मालिवाड़ा चौक स्थित जन औषधि केंद्र पर जहां दवा ले रहे मरीजों और केंद्र मालिक से बात की. मरीज राजीव ने बताया कि उसे इस केंद्र से दवा मिल रही और वो भी सस्ती दरों पर. फिर हमने दुकान मालिक मनोज सैनी से बात की तो उन्होंने बताया कि मरीजों में अभी औषधि केंद्र की दवाओं कों लेकर जागरूकता नहीं है. हमें डॉक्टर का भी सहयोग चाहिए क्योंकि अक्सर अगर कोई मरीज डॉक्टर की मर्जी के की बिना जेनरिक दवाएं ले भी जाता है, तो डॉक्टर उन्हें वापस करा देते थे. उन्हें कहा जाता था कि ये दवा असर नहीं करेंगी, इसलिए काफी लोगों कों विश्वास कम होता चला गया.

Tags: Ghaziabad News, Jan Aushadhi initiative, UP news



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