पीलीभीत का गांधी स्टेडियम बना लापरवाही का ‘दरिया’! टूर्नामेंट से पहले टेंशन में खिलाड़ी


सृजित अवस्थी

पीलीभीत. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अपने गोरखपुर दौरे में महंत अवैद्यनाथ स्टेडियम के उद्घाटन के दौरान कहा था कि खिलाड़ियों के योगदान से ही उत्तर प्रदेश, उत्तम प्रदेश बनेगा, लेकिन पीलीभीत में इसके उलट तस्वीर देखने को मिल रही है. यहां मॉनसून के अंतिम चरण में हुई मूसलधार बारिश के कारण शहर का एकमात्र स्टेडियम तालाब बन गया है. गांधी स्टेडियम के ग्राउंड में तीन से चार फीट तक पानी भरा हुआ है जिसकी निकासी का कोई साधन नहीं है. ऐसे में खिलाड़ियों के लिए एकमात्र विकल्प गांधी स्टेडियम उनके किसी काम का नहीं रह गया है. पानी भर जाने के कारण यहां उनका अभ्यास करना लगभग नामुमकिन हो गया है.

प्रतियोगिता से पहले बदहाली की परीक्षा
गांधी स्टेडियम में प्रैक्टिस करने आए खिलाड़ियों ने न्यूज़ 18 लोकल से बातचीत में कहा कि दो अक्टूबर से उनका टूर्नामेंट शुरू है, लेकिन ग्राउंड में पानी भर गया है. ऐसे में टूर्नामेंट की तैयारी करना उनके लिए नामुमकिन है. इसके कारण उनकी परफॉर्मेंस पर भी असर पड़ा है.

हॉकी और एथलेटिक्स की प्रैक्टिस ठप
गांधी स्टेडियम में हॉकी, फुटबॉल, एथलेटिक्स और क्रिकेट जैसे तमाम खेलों का अभ्यास होता है, लेकिन अब ग्राउंड में जलभराव के चलते सभी खेलों की प्रैक्टिस लगभग ठप है. प्रशिक्षक सड़क और सीढ़ियों पर खिलाड़ियों को प्रैक्टिस कराने के लिए मजबूर हैं.

पूरे मॉनसून रहता है जलभराव
गांधी स्टेडियम के आस-पास हुए निर्माण कार्यों के चलते स्टेडियम का ड्रेनेज सिस्टम लगभग बर्बाद हो गया है. यही कारण है कि पूरे मॉनसून के दौरान स्टेडियम में जलभराव रहता है. पूरे मामले पर जानकारी देते हुए पीलीभीत के जिला क्रीड़ा अधिकारी राजकुमार ने बताया कि पिछले दिनों लगातार हुई बारिश के चलते स्टेडियम की बाउंड्री वॉल टूट गई है जिससे यहां इतना अधिक जलभराव हुआ है. जलभराव की समस्या से निपटने के लिए उन्होंने शासन को एक प्रस्ताव बनाकर भेजा हुआ है जिस पर जल्द अमल होने की उम्मीद है.

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