पैथवर्ड डायग्नोस्टिक सेंटर का कारनामा, कोरोना की 10 हजार रिपोर्ट दबाईं, लाइसेंस निरस्त

गोरखपुर में एक लैब की घपलेबाजी सामने आने के बाद उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है.


गोरखपुर में एक लैब की घपलेबाजी सामने आने के बाद उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है.

Gorakhpur News Update: गोरखपुर के एक कोरोना टेस्टिंग लैब की घपलेबाजी सामने आई है. बेतियाहाता में स्थित पैथवर्ड डायग्नोस्टिक लैब ने कोरोना टेस्टिंग के नाम पर घपला कर दिया और करीब 10 हजार रिपोर्ट दबा दीं.

गोरखपुर. गोरखपुर के एक कोरोना टेस्टिंग लैब की घपलेबाजी सामने आई है. बेतियाहाता में स्थित पैथवर्ड डायग्नोस्टिक सेंटर के नाम से चल रहे लैब को कोरोना टेस्टिंग की अनुमति दी गई थी. लैब शासन के पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड करने में घपलेबाजी करता रहा. पॉजिटिव आने वाले केसों को भी शासन के पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया. जानकारी सामने आने के बाद लैब का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि दो दिन पहले जब शासन के पोर्टल पर कम हो रहे पॉजिटिव केस अचानक से हजारों में पहुंच गए, तो शासन के साथ स्‍थानीय प्रशासन ने भी इसे संज्ञान लिया. प्रारम्भिक जांच में पता चला कि 10 हजार के करीब पॉजिटिव रिपोर्ट को पैथ वर्ड ने अपलोड कर दिया है. पैथ वर्ड लैब ने दो माह पहले आए केस को 24 घंटे के अंदर अपलोड करने की बजाय उसे छुपाए रखा. समय से अपलोड नहीं करने की वजह से डाटा पड़ा रह गया. इनमें से अधिकतर केस पॉजिटिव से निगे‍टिव भी हो गए और शासन को इसकी जानकारी भी नहीं दी गई. मामला तब पकड़ में आया जब पिछले दिनों 1200 केस हर रोज के हिसाब से दो माह पुरानी रिपोर्ट को लैब कर्मियों ने अपलोड करना शुरू किया. सीएमओ डॉक्टर सुधाकर पाण्‍डेय ने बताया कि दो दिन पहले उनके संज्ञान में मामला आने के बाद लैब की ओर से बताया गया कि दो माह पुरानी रिपोर्ट को अपलोड कर दिया गया. इसकी सही संख्‍या की जांच की जा रही है. पॉजिटिव केस को 24 घंटे के अंदर वेबसाइट पर अपलोड करना होता है. जिससे शासन और प्रशासन के संज्ञान में आ जाए. इनकी ओर से घोर लापरवाही की गई है. इनके लाइसेंस को निलंबित कर जांच बैठा दी गई है. जांच आने के बाद स्‍थायी रूप से लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी.







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