नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कोरोना कर्फ्यू से कोई राहत नहीं, 30 जून तक धारा 144 लागू- Covid 19 No relief from corona curfew in Noida and Greater Noida Section 144 implemented till 30 June nodbk

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बढ़ते कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने को 30 जून तक धारा 144 बढ़ा दी गई है. (सांकेतिक फोटो)


नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बढ़ते कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने को 30 जून तक धारा 144 बढ़ा दी गई है. (सांकेतिक फोटो)

गौतमबुद्धनगर में (Gautam Buddha Nagar) पहले की तरह स्कूल और कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे. सिनेमा हॉल, मॉल, जिम, स्‍वीमिंग पूल्स आदि भी पूरी तरह से बंद रहेंगे. इसके साथ ही अन्‍य प्रतिबंध भी लागू रहेंगे.

नोएडा. कोरोना संक्रमण (Corona Infection) की रफ़्तार पर नियंत्रण के बाद मंगलवार यानी आज से यूपी के 61 जिले अनलॉक (Unlock) हो रहे हैं. हालांकि, गौतमबुद्धनगर में कोरोना कर्फ्यू से कोई राहत नहीं मिलेगी. गौतमबुद्धनगर में (Gautam Buddha Nagar)  पहले की तरह स्कूल और कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे. सिनेमा हॉल, मॉल, जिम, स्‍वीमिंग पूल्स आदि भी पूरी तरह से बंद रहेंगे. इसके साथ ही अन्‍य प्रतिबंध भी लागू रहेंगे.

जानकारी के मुताबिक, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बढ़ते कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने को 30 जून तक धारा 144 बढ़ा दी गई है. अपर पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) कानून एवं व्यवस्था श्रद्धा पांडे ने आदेश जारी करते हुए बताया कि कोविड-19 के कारण फैल रही महामारी को शासन ने आपदा घोषित किया है. इसके चलते आंशिक कोरोना कर्फ्यू के निर्देश जारी किए गए हैं. इसी को देखते हुए शहर में 30 जून तक धारा 144 लागू रहेगी.बता दें कि हालात के मद्देनजर जरूरत पड़ने पर धारा 144 लागू होने के दौरान इंटरनेट सेवाओं को भी ठप किया जा सकता है. धारा लागू करने के लिए इलाके के जिलाधिकारी द्वारा एक नोटिफिकेशन जारी किया जाता है.

धूम्रपान का सीधा असर फेफड़ों पर पड़ता है

वहीं, कल खबर सामने आई थी कोरोना संक्रमण का शिकार होकर मरने वालों में बहुत बड़ी संख्या उन लोगों की है जो तंबाकू का सेवन करते थे. मेरठ (Meerut) में करीब 42 फ़ीसदी कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत के पीछे तंबाकू का सेवन करना भी एक बड़ी वजह थी. मेरठ में करीब 767 लोगों की जान अब तक कोरोना संक्रमण के कारण जा चुकी है, लेकिन इसमें करीब 320 लोग ऐसे थे जो तंबाकू का सेवन करते थे. इसमें वे सब लोग शामिल हैं जो या तो सिगरेट के जरिए तंबाकू लेते थे या फिर अन्‍य तरह से तंबाकू सेवन की लत के शिकार थे. डॉक्टरों की मानें तो धूम्रपान का सीधा असर फेफड़ों पर पड़ता है. धूम्रपान के सेवन से शरीर के अंदर प्रोटेक्टिव लेयर को भारी नुकसान पहुंचता है. जिसके जरिए वायरस के शिकार बनते हैं.







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