निवर्तमान ग्राम प्रधान के घर दावत खाना DPRO को पड़ा महंगा, गुस्साए ग्रामीणों ने की सवालों की बौछार, देखें Video

प्रतापगढ़: अपनी सरकारी गाड़ी में बैठे डीपीआरओ रविशंकर.
प्रतापगढ़: अपनी सरकारी गाड़ी में बैठे डीपीआरओ रविशंकर.


प्रतापगढ़: अपनी सरकारी गाड़ी में बैठे डीपीआरओ रविशंकर.

प्रतापगढ़ (Pratapgarh): जानकारी के अनुसार डीपीआरओ रविशंकर निवर्तमान प्रधान बोझी के घर दावत में शामिल होने रविवार रात गए थे. इस दौरान ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी रोक ली और आधे घंटे तक उन पर सवालों की बौछार करते रहे. इस पूरी घटना का वीडियो ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    January 27, 2021, 5:36 PM IST

प्रतापगढ़. उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ (Pratapgarh) में एक ग्राम प्रधान के घर दावत खाना डीपीआरओ को महंगा पड़ गया. डीपीआरओ की गाड़ी को गांव वालों ने रोक लिया और आधे घंटे तक डीपीआरओ को गाड़ी में बंधक बनाए रखा. ग्रामीणों का आरोप है कि डीपीआरओ घूस और शराब पीने के लिए प्रधान के घर आए थे. ये ग्रामीण शिकायत के बाद भी गांव की जांच नहीं करने से नाराज थे. उधर डीपीआरओ ने बंधक बनाए जाने की बात से इंकार किया है. साथ ही ग्रामीणों की शिकायत पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है. मंगरौरा ब्लाक के बोझी गांव का ये मामला है.

ग्रामीणों ने डीपीआरओ पर लगाए गंभीर आरोप

जानकारी के अनुसार डीपीआरओ रविशंकर निवर्तमान प्रधान बोझी के घर दावत में शामिल होने रविवार रात गए थे. इस दौरान ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी रोक ली और वीडियो रिकॉर्ड करते हुए उन पर सवालों की बौछार कर दी. ग्रामीणों ने उन पर प्रधान के यहां घूस औश्र शराब के लिए आने का आरोप लगाया. यही नहीं बाद में इस पूरी घटना का वीडियो ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.

डीपीआरओ ने दी ये सफाई

वायरल वीडियो पर डीपीआरओ रविशंकर ने सफाई दी है, उन्होंने कहा कि बंधक बनाने की बात गलत है. गांव के दो व्यक्तियों ने विकास कार्यो की जांच करने की बात कही थी. दोनो ग्रामीण नशे में धुत थे.

उन्होंने कहा कि रात में रास्ते में दो शख्स गाड़ी रोकवाने का प्रयास करने लगे. मुझे लगा कि वे कुछ कहना चाहते हैं, तो हमने गाड़ी रोक दी. गाड़ी रोकते ही वो अनर्गल भाषा का प्रयोग करने लगे. इसके बाद उन्होंने ग्राम सभा की जांच करने की बात की, हमने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी शिकायत पर कार्रवाई की जाएगी. डीपीआरओ ने कहा कि मैं गांव में किसी कार्य से गया था, लेकिन बंधक बनाए जाने की बात निराधार है, झूठ है.






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