मिसाल: 10वीं की छात्रा ईशानी ने अपनी पॉकेट मनी से वंचित बच्चों के लिए खोली लाइब्रेरी, देखें किताबघर की तस्वीरें


ईशानी का शिक्षा से बहुत लगाव है, वह स्कूल की ओर से राजस्थान में टूर पर गईं तो वहां संसाधन के अभाव में शिक्षा से वंचित बच्चों को देखा, मन में भाव आया कि ऐसे बच्चों के लिए कुछ बेहतर करना चाहिए. फिर वह पाकेट मनी, दीपावली, रक्षाबंधन और जन्मदिन पर मिलने वाले रुपये की बचत करने लगी. ऐसा कर 1.50 लाख रुपये एकत्र कर लिए.



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