मेरठ: मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने किया कमाल, पहली सफल ओपन हार्ट सर्जरी कर रचा इतिहास


हाइलाइट्स

मेरठ के डॉक्टरों ने की पहली ओपेन हार्ट सर्जरी
पुर्व में कर चूके हैं लिंग पुनर्निर्धारण की सफल सर्जरी

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में लाला लाजपतराय स्मारक मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने सर्जरी में नया कीर्तिमान स्थापित किया है. लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज के पीएमएसएसवाई ब्लॉक स्थित कार्डियो थोरेसिक सर्जरी विभाग ने पहली बार सफल ओपन हार्ट एएसडी रिपेयर सर्जरी कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है. मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ वीडी पांडेय ने बताया कि कार्डियो थोरेसिक सर्जरी विभाग के सहायक आचार्य डॉ रोहित कुमार चौहान व उनकी टीम के डॉ सुभाष दहिया ने शिवा रानी नाम की महिला का सफल ऑपरेशन किया है.

बताया गया कि मेडिकल कालेज में डॉक्टरों ने 39 वर्षीय शिवा रानी निवासी लोहिया नगर, जनपद मेरठ का सफल ऑपरेशन किया. यह ऑपरेशन कुल 4 घंटे तक चला. ऑपरेशन करने वाले डॉ रोहित ने बताया कि शिवा रानी के दोनों एट्रियम जुड़े होने के कारण उनका शुद्ध एवम अशुद्ध रक्त आपस में मिश्रित हो रहे थे. जिसके बाद मेडिकल कॉलेज में उनका सफल ऑपरेशन किया गया है. डॉक्टर ने बताया कि वो अब पूरी तरह स्वस्थ हैं. अभी उनको 48 घंटे तक डॉक्टरों की निगरानी में पोस्ट ऑपरेटिव सघन चिकित्सा केंद्र में रखा गया है.

पूर्व में कर चुके हैं सफल लिंग पुनर्निर्धारण सर्जरी
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ आर सी गुप्ता ने डॉ रोहित और उनकी पूरी टीम के डॉक्टरों को सफल ऑपरेशन के लिए बधाई दी. आपको बता दें कि इससे पहले मेरठ के लाला लाजपतराय मेडिकल कॉलेज के सुपरस्पेशलिटी ब्लॉक स्थिति प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने सफलता पूर्वक लिंग पुनर्निर्धारण सर्जरी (Gender Reassignment Surgery) किया था. इस तरह की सर्जरी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहली बार किसी मेडिकल कॉलेज में हुई थी. इस दौरान डॉक्टरों की टीम ने एक सफल लिंग ट्रांसप्लांट करके दो मरीजों को लड़की बनाया, जबकि एक मरीज को लड़का. लिंग पुनर्निर्धारण सर्जरी करने वाले चिकित्सकों ने बताया कि एक लड़की को ऑपरेशन से लिंग प्रत्यारोपण करते हुए लड़का बना दिया गया.

डॉक्टरों ने बताया कि लड़की में एक्सवाई क्रोमोसोम थे, जिस वजह से उसमें पुरुषों के लक्षण थे. उसकी सहमति से लिंग प्रत्यारोपण कर दिया गया. यह पश्चिम उत्तर प्रदेश का पहला ऑपरेशन है. डॉक्टरों ने बताया कि मरीज पूरी तरह स्वस्थ है.

मरीजों को एम्स नहीं जाना पड़ेगा
मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉक्टर वीडी पाण्डेय ने बताया कि प्लास्टिक सर्जन डॉ. भानु प्रताप सिंह और अन्य डॉक्टर्स की टीम ने ऑपरेशन किया था. बताया गया कि हार्मोंनल असंतुलन की वजह से कई लड़कियों में लड़कों के लक्षण उभर आते हैं. तकरीबन 8 घंटे के ऑपरेशन के बाद पतली नसों को जोड़कर लिंग रोपण किया गया था. प्राचार्य डॉ.आरसी गुप्ता ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सक कई बड़े ऑपरेशन कर चुके हैं. सुपरस्पेशिलिटी ब्लाक के चिकित्सकों की वजह से अब मरीजों को एम्स और पीजीआई नहीं जाना पड़ेगा.

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