MEERUT: क्या है कैलाश प्रकाश स्टेडियम का नो-एंट्री प्लान, बाहरी और खिलाड़ियों में ऐसे करेंगे पहचान


रिपोर्ट- विशाल भटनागर

मेरठ: पश्चिम उत्तर प्रदेश (West Uttar-Pradesh) के कैलाश प्रकाश स्टेडियम (Kailash Prakash Stadium) में हर दिन सैकड़ों खिलाड़ी प्रैक्टिस के लिए आते हैं. लेकिन स्टेडियम में इन खिलाड़ियों के अलावा कुछ बाहरी लोग भी घुस जाते हैं, जो खिलाड़ियों को डिस्टर्ब करते हैं, हुड़दंग मचाते हैं, गंदगी फैलाते हैं. ऐसे अराजकतत्वों को रोकने के लिए, उन्हें स्टेडियम और खिलाड़ियों से दूर रखने के लिए स्टेडियम प्रशासन खास तैयारी शुरू कर दी है, तो चलिए जानते हैं कि, क्या है स्टेडियम प्रशासन का प्लान ?

दरअसल स्टेडियम में प्रैक्टिस के लिए आने वाले सभी महिला-पुरुष खिलाड़ियों का डाटा कलेक्ट कर उनका आई-कार्ड बनाया जा रहा है. क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी योगेन्द्र पाल सिंह का कहना है कि, इसको लेकर प्रैक्टिस के लिए आने वाले सभी खिलाड़ियों को सूचित कर दिया है. सभी खिलाड़ी अपना डाटा सबमिट कर आई-कार्ड बनवा भी रहे हैं. ऐसे में प्रकिया पूरी होने के बाद सिर्फ उन्हें ही स्टेडियम में एंट्री मिलेगी जिसके पास कार्ड होगा.बिना कार्ड वालों को वापस भेज दिया जाएगा.

दो तरह के बनाए जा रहे हैं आई-कार्ड
स्टेडियम में प्रवेश के लिए स्टेडियम प्रशासन की ओर से दो तरह के कार्ड बनाए जा रहे हैं. 18 साल तक के जो भी खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं.उनके लिए नीला कार्ड और जो 18 साल से ऊपर के खिलाड़ी हैं उनके लिए लाल कार्ड जारी किया जा रहा है.

क्यों जारी करना पड़ा कार्ड ?
कैलाश प्रकाश स्टेडियम की बात की जाए तो वर्ष 2018 में कोच संदीप पर कुछ लोगों द्वारा स्टेडियम में ही गोली चलाई गई थी.जब वह प्रैक्टिस करा रहे थे. जिसके बाद उन्हें मेरठ के जसवंत राय हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था. इतना ही नहीं यहां मारपीट की घटनाएं भी होती रहती हैं. इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है.

खिलाड़ी भी कर रहे नियम का समर्थन
स्टेडियम में आने वाले खिलाड़ी भी स्टेडियम के इस फैसले का स्वागत कर रहे हैं .खिलाड़ियों का कहना है कि, इस व्यवस्था से जो बाहरी युवा यहां पर घुस आते थे. उनसे छुटकारा मिलेगा और जो वास्तविक खिलाड़ी हैं. वहीं प्रैक्टिस करने आएंगे.

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