Lucknow: तोड़ा जाएगा 150 साल पुराना ब्रिटिश कालीन कटाई वाला पुल, जानें वजह


अंजलि सिंह राजपूत/ लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ब्रिटिश काल का एक पुल अब तोड़ा जाएगा. यह पुल पहले इकलौता ऐसा पुल था जो पूरे कैंट एरिया, तेलीबाग, सदर और मॉल एवेन्यू जैसे क्षेत्रों को सीधा हजरतगंज और चौक से जोड़ता था. लेकिन यह ओवरब्रिज बाराबंकी और फैजाबाद की ओर से आ रही ट्रेनों के लिए मुसीबत बन गया था. यही वजह है कि इसे तोड़ा जा रहा है. यह ओवरब्रिज सोमनाथ गेट को भी जोड़ता है.सोमनाथ द्वार के ठीक सामने कटाई वाला ओवरब्रिज बना हुआ है.

नॉर्दन रेलवे के डीआरएम सुरेश कुमार सपरा ने बताया कि इस कटाई वाले पुल को तोड़कर दो लेन का नया पुल बनाया जाएगा. इसको तोड़ने से पहले अभी से ही दो लेन के एक दूसरे पुल को भी बनाया जा रहा है, जिसको बनाने का काम तेजी से चल रहा है. दिसंबर तक दो लेन का यह ओवर ब्रिज बनकर तैयार हो जाएगा, जिसके बाद सारा ट्रैफिक इस ओवरब्रिज पर चला जाएगा. इसके बाद कटाई वाले पुल को तोड़ने का काम शुरू किया जाएगा.इसकी जगह पर भी दो लेन का एक नया ओवरब्रिज बनाया जाएगा. कुल मिलाकर देखा जाए तो दो-दो लेन के 2 ओवर ब्रिज हो जाएंगे.चार लेन के दो ओवर ब्रिज होने से ओवर ब्रिज पर चढ़ने वाले यात्रियों को तो सहूलियत मिलेगी साथ ही ट्रैफिक जाम से भी निजात मिलेगी.

इसलिए इतिहास हो जाएगा कटाई वाला पुल
नॉर्दन रेलवे के डीआरएम सुरेश कुमार सपरा ने बताया कि इस पुल को तोड़े जाने की सबसे बड़ी वजह यह है कि बाराबंकी और फैजाबाद की ओर से दो ट्रैक आते हैं. लेकिन इस ओवर ब्रिज के नीचे दो ही ट्रैक हैं. ऐसे में जब चार ट्रैक का लोड दो ट्रैक पर आता है तो सभी ट्रेन अटक जाती हैं.ट्रेनों को देर होती है और ट्रेन को इंतजार करना पड़ता है. ऐसे में यात्रियों को भी खासा परेशान होना पड़ता है. इसी को ध्यान में रखते हुए अब दो-दो लेन के दो ओवर ब्रिज बन रहे हैं, उनके नीचे चार ट्रैक होंगे.जिससे बाराबंकी और फैजाबाद की ओर से आने वाले ट्रैक भी इनमें मिल जाएंगे. इससे ट्रेनों के आवागमन में सहूलियत मिलेगी.

Tags: Lucknow news, Uttar pradesh news



Source link

more recommended stories