Lucknow Earthquake: क्या भूकंप आने पर भी लखनऊ में कम महसूस होते हैं झटके?


रिपोर्ट-अंजलि सिंह राजपूत

लखनऊ और कानपुर समेत गंगा की सतह की जो बलुवा मिट्टी है वह भूकंप रोधी है. तभी तो मंगलवार से लेकर बुधवार तक लखनऊ की धरती दो बार नहीं बल्कि 5 बार कांपी थी. इसके बावजूद न तो बहुत ज्यादा झटके महसूस हुए और न ही लखनऊ में किसी प्रकार की हानि हुई. आपको बता दें कि मंगलवार से लेकर बुधवार की सुबह तक लखनऊ में 5 बार भूकंप के झटके लगे थे.

पहली बार जो झटका लगा था वह मंगलवार को रात 8:52 पर था जिसकी तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 4.9 थी. इसके बाद उसी रात 9:41 पर 3.5 तीव्रता का भूकंप आया था. इसके बाद आधी रात को 1:57 मिनट पर 6.3 तीव्रता के झटके लगे थे. बुधवार तड़के 3:15 बजे 3.4 और इसके बाद बुधवार की सुबह 6:27 बजे 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था.

भूकंप जोन 3 में आता है लखनऊ
लखनऊ विश्वविद्यालय के इंस्टिट्यूट ऑफ हाइड्रोकार्बन एनर्जी एंड जियो रिसोर्सेस डिपार्टमेंट ऑफ जियोलॉजी‌ विभाग के निदेशक प्रोफेसर ध्रुव सेन सिंह ने बताया कि लखनऊ और उसके आसपास का जो गंगा का मैदानी क्षेत्र है यह भूकंप जोन 3 में आता है. इसका मतलब यह है कि यहां पर अगर भूकंप आता भी है तो सिर्फ और सिर्फ मध्यस्तरीय भूकंप आ सकता है.

गंगा के मैदान की सतह पर चाहे वह लखनऊ या कानपुर हो या आस-पास का इलाका ही, इन सारी चीजों के जो कि भूकंप लाने के कारक होते हैं वो निष्क्रिय दिखाई देते हैं. लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में भूकंप आने की आशंका कम रहती है और अगर भूकंप आता भी है तो उसके झटके कम महसूस होते हैं. यहां की जो मिट्टी है जिसे जलोढ़ कहते हैं, यह मिट्टी भूकंपनीय तरंगों को अवशोषित कर लेती है जिससे भूकंप की क्षमता कम हो जाती है.

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