लखनऊ नगर निगम से जारी हो रहे फ़र्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, ऐसे पकड़ में आया फर्जीवाड़ा


अंजलि सिंह राजपूत

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नगर निगम के अफसरों के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं. ऐसा ही एक मामला नगर आयुक्त ने खुद पकड़ा है. अब इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. दरअसल नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह के पास एक अफसर ने स्वर्गीय धीरज विक्रम सिंह पुत्र सत्येंद्र विक्रम सिंह की मृत्यु प्रमाण पत्र जांच के लिए भेजा था. इस मृत्यु प्रमाण पत्र पर तारीख 23 अप्रैल, 2022 की लिखी हुई थी और क्रम संख्या 134055 और रजिस्ट्रेशन संख्या NNLKO-D- 2022 013067 दर्ज था. साथ ही इस मृत्यु प्रमाण पत्र को जारी करने की तारीख 28 अप्रैल 2022 लिखी हुई थी.

हैरानी की बात है कि यह मृत्यु प्रमाण पत्र जिस प्रारूप में बनाया गया था, वो प्रारूप नगर निगम का था. इतना ही नहीं, इस मृत्यु प्रमाण पत्र पर न तो मृत्यु का स्थान लिखा था, और न ही पता लिखा था. साथ ही इस प्रमाण पत्र पर जिस नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीके सिंह के हस्ताक्षर थे, उनका तबादला वर्ष 2018 में ही हो गया था. ऐसे में जब पूरी जांच की गई तो नगर आयुक्त ने इस मृत्यु प्रमाण पत्र को पूरी तरह से फर्जी पाया. अब इस पूरे मामले की जांच शुरू हो गई है.

नगर आयुक्त ने लोगों को किया सचेत
नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने लोगों को सचेत करते हुए एक सूचना जारी की है कि नगर निगम और अधिकृत जन सुविधा केंद्रों से ही मृत्यु प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करें. इसके अलावा भारत सरकार की वेबसाइट https://crsorgi.gov.in से भी आवेदन किए हुए प्रमाण पत्र ही मान्य होंगे. उन्होंने जानकारी दी कि नगर निगम की ओर से मृत्यु और जन्म के जो प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं उस पर QR कोड और बार कोड लिखा रहता है जिसे स्कैन कर स्थापित किया जा सकता है.

फर्जीवाड़े पर दर्ज करायी FIR
नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने कहा कि इस फर्जी मामले में एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है. लोगों के पास अगर इस तरह का कोई भी प्रमाण पत्र आए तो वो उसे नगर निगम में जांच के लिए भेज सकते हैं.

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