लिंक लाइन पर दादरी से खुर्जा तक दौड़ी चावल से भरी मालगाड़ी, जानें प्लान


नोएडा. दादरी (Dadri) से खुर्जा तक बनी लिंक लाइन (Link Line) का ट्रॉयल कामयाब रहा है. पहले रेल का खाली इंजन और अब चावल से भरी मालगाड़ी दौड़ाकर ट्रॉयल किया गया. 58 डिब्बों की मालगाड़ी को 54 किमी की लिंक लाइन पर 75 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाया गया. लिंक लाइन के आगे मालगाड़ी खुर्जा (Khurja) और बुलंदशहर से होते हुए इलाहबाद के लिए रवाना हो गई. लोडेड मालगाड़ी से पहले खाली मालगाड़ी चलाकर भी ट्रॉयल किया जा चुका है. इस लिंक लाइन से ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर (Eastern-Western Freight Corridor) को जोड़ा गया है. जिसके चलते सामान से लदी मालगाड़ी दादरी से सीधे मुम्बई (Mumbai) और कोलकाता के लिए रवाना हो जाएगी. सरकार के इस प्लान से दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) समेत वेस्टर्न यूपी के कारोबार को भी रफ्तार मिलेगी.

30 सितम्बर को लिंक लाइन को पीएम दिखा सकते हैं हरी झंडी

डीएफसीसी से जुड़े सूत्रों की मानें तो दादरी (बोड़ाकी) रेल स्टेशन से खुर्जा तक की लिंक लाइन का काम पूरा हो चुका है. मेगा ब्लॉक लेकर सभी छोटे-बड़े काम पूरे कर लिए गए हैं. दूसरी ओर ईस्टर्न कॉरिडोर की मेन लाइन का काम भी पूरा हो चुका है. गौरतलब रहे अगस्त में पीएम नरेन्द्र मोदी को लिंक लाइन पर ट्रेन को हरी झंडी दिखानी थी. लेकिन पीएमओ से टाइम न मिलने के चलते यह कार्यक्रम टल गया.

54 किमी की लिंक लाइन पर हैं 15 क्रासिंग

जानकारों की मानें तो इंटरचेंज के लिए दादरी से लेकर खुर्जा तक 54 किमी लम्बी लिंक लाइन बिछाई गई है. लिंक लाइन के रास्ते में करीब 15 रेलवे क्रासिंग बनाई गई हैं. 14 अगस्त और 28 सितम्बर को ट्रायल के दौरान डीएफसीसी के कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी तैनात रहे. हालांकि क्रासिंग के पास इंजन की स्पीड भी कम रखी गई थी. साथ ही ट्रायल के दौरान सभी क्रासिंग पर ट्रैफिक को रोक दिया गया था. लिंक लाइन के रास्ते में दो रेल फ्लाई ओवर बनाए गए हैं. 8 फुट ओवर ब्रिज बनाए गए हैं. इसके साथ ही 4 मेजर ब्रिज भी बनाए गए हैं.

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ईस्टर्न-वेस्टर्न कॉरिडोर पर शुरू हो सकती है रोरो सर्विस

डीएफसीसी का ईस्टर्न कॉरिडोर कोलकाता तक तो वेस्टर्न कॉरिडोर मुम्बई तक जाता है. दोनों ही बड़े कारिडोर हैं. दोनों ही रूट पर कई बड़े कारोबारी शहर हैं. अगर ईस्टर्न और वेस्टर्न कॉरिडोर पर सफलतापूर्वक रोरो सर्विस शुरू हो जाती है तो यह प्रदुषण के लिहाज से भी एक बड़ा कदम होगा. रोरो के शुरू होने से सड़कों पर ट्रक और टैंकर्स की संख्या कम हो जाएगी. इससे वायु प्रदुषण भी नहीं फैलेगा. अगर ऐसा होता है तो इससे सबसे बड़ी राहत दिल्ली-एनसीआर को ही मिलेगी.

डीएफसीसी से जुड़े सूत्रों की मानें तो रोरो सर्विस की शुरुआत एक मालगाड़ी पर 45 ट्रक से की जाएगी. हालांकि डबल डेकर गाड़ी आने के बाद यह संख्या बढ़ भी सकती है. गौरतलब रहे इससे पहले दिल्ली के प्रदुषण को देखते हुए नॉर्थन रेलवे ने भी रोरो सर्विस का ट्रॉयल किया था.

Tags: Dadri News, Dedicated Freight Corridor, Delhi-NCR News



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