कुंभ के बाद सबसे चर्चित मेरठ के नौचंदी मेले की तैयारी शुरू, हिंदू-मुस्लिम एकता की है मिसाल


मेरठ. ईद के बाद ऐतिहासिक नौचंदी मेला शुरू हो जाएगा. बहुत जल्द मेले की शुरुआत की तारीख का औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा. इसी कड़ी में रविवार को आयुक्त सुरेंद्र सिंह और जिलाधिकारी दीपक मीणा ने संयुक्त रूप से जनपद में लगने वाले नौचंदी मेला मैदान का स्थलीय निरीक्षण किया और तैयारियों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए.

आयुक्त ने मेला व्यवस्था अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मेला मैदान में क्षतिग्रस्त खंभे को तुरंत बदला जाए. तथा इंटरलॉकिंग टाइल्स कार्य कराया जाए. निर्देशित किया गया कि मेला परिसर में साफ सफाई के उचित प्रबंध किए जाएं और चिन्हित स्थानों पर कूड़ेदान लगाए जाने की व्यवस्था की जाए. मेला परिसर में जहां कहीं भी गड्ढे दिखाई दे रहे हैं वहां मिट्टी भरते हुए मेला मैदान का पूरी तरह से समतलीकरण कराया जाए. बेसहारा गोवंश को निराश्रित गो स्थलों पर संरक्षित कराया जाना भी सुनिश्चित किया जाए.

इस दौरान पटेल मंडप का निरीक्षण भी किया गया. इसमें संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि पटेल मंडप के बाहर हॉर्टिकल्चर का विकास कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए. नौचंदी मेला पश्चिमी यूपी एवं आसपास के क्षेत्र को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने का महत्वपूर्ण उदाहरण रहा है. इसकी महत्वता के अनुरूप समस्त व्यवस्थाएं समय से करा कर मेले का आयोजन किया जाए.

यूपी के मेलों की बात की जाए तो यहां प्रयागराज के कुम्भ मेले के बाद देश में सबसे ज्यादा चर्चा मेरठ के नौचंदी मेले की होती है. इस मेले को और भव्य स्वरुप देने के लिए इसे सरकार ने इस बार प्रांतीय मेले का दर्ज़ा दिया है. प्रांतीय मेला घोषित होते ही मेला स्थल की रौनक में चार चांद लग गए हैं. इस बार प्रांतीय मेला होने के नाते मेरठ जिला प्रशासन इसका आयोजन कर रहा है. प्रांतीय मेले होने के बाद ग्राउंड पर युद्धस्तर पर कार्य चल रहा है. यूं तो नौचंदी मेले का उदघाटन हो चुका है, लेकिन विधिवत मेला मई के पहले या दूसरे सप्ताह शुरु हो जाएगा.

झूलों के लिए है इस मेले की पहचान
नौचंदी मेला अपने झूलों के लिए भी जाना जाता है. देश के कोने कोने से झूले लेकर दुकानदार यहां पहुंचते हैं. नौचंदी मेला हिंदू मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करता है. माना जाता है कि यहां मां नौचण्डी देवी के दर्शन करने को जो श्रद्धालु आते हैं वो मंदिर के सामने स्थित मियां की मजार भी जाते हैं. जो मुस्लिम श्रद्धालु मियां की मजार पर चादर चढ़ाते हैं वो मां के दर्शन करने भी आते हैं. लिहाज़ा नौचंदी मेले के भव्य स्वरुप से सभी खुश हैं.

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