किसान आंदोलन का खुला समर्थन कर पश्चिमी यूपी के हर गांव-हर घर में पैठ बनाने में जुटी कांग्रेस

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी में पूरी ताकत लगा रखी है.  (File photo)
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी में पूरी ताकत लगा रखी है.  (File photo)


कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी में पूरी ताकत लगा रखी है. (File photo)

किसान आंदोलन (Kisan Aandolan) के सहारे कांग्रेस (Congress) पश्चिमी यूपी के हर गांव-हर घर में पैठ बनाने की कवायद में जुट गई है. कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के आदेश पर प्रदेश अध्‍यक्ष अजय कुमार लल्लू पश्चिमी यूपी के विभिन्न जिलो में कैंप कर रहे हैं.

लखनऊ. केंद्र सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद देश में तीन नए कृषि कानूनों (Agricultural Laws) का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है. एक ओर जहां पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्‍यों के किसान 72 दिन से दिल्ली के सिंघु-टिकरी बॉर्डर (Sindhu-Tikri Border) पर इस बिल के विरोध में डटे हुए हैं, तो वहीं दूसरी ओर किसान आंदोलन का अब तक भले ही यूपी में कोई खास असर न दिख रहा हो, लेकिन अब माहौल बदल रहा है. दरअसल बीते दिनों में गाजीपुर बॉर्डर पर डटे भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) समेत अन्य किसानों को जबरन हटाने की कोशिश के बाद अब यह किसान आंदोलन पूरे पश्चिमी यूपी में बढ़ता नजर आ रहा है. इसे देखते हुए अब न सिर्फ यूपी कांग्रेस किसान आंदोलन का खुला समर्थन कर रही है बल्कि मौजूदा सरकार के प्रति किसानों की नाराजगी को देखते हुए किसान आंदोलन के जरिए पश्चिमी यूपी के हर गांव-हर घर में पैठ बनाने की कवायद में जुट गई है.

वैसे तो कांग्रेस पहले दिन से ही किसान आंदोलन का समर्थन कर रही है, लेकिन गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुए बवाल के बाद 28 जनवरी की रात गाजीपुर बॉर्डर पर किसान नेता राकेश टिकैत को जबरन हटाने की कोशिश के बाद से वह खासी सक्रिय है. बता दें कि गाजीपुर बॉर्डर से हटाने की कोशिश के बाद राकेश टिकैत के छलके आंसूओं से किसान आंदोलन को नई धार मिली है. इसके बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के निर्देश पर यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू भी देखते ही देखते न सिर्फ राकेश टिकैत के आंसू पोछने गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे बल्कि उसी दिन से पश्चिमी यूपी के विभिन्न जिलो में कैंप कर किसान आंदोलन के समर्थन के साथ अब हर न्याय पंचायत में कांग्रेस का मजबूत संगठन खड़ा कर कांग्रेस की घर-घर में पैठ बनाने का प्रयास कर रहे हैं. यही नहीं, बीते गुरुवार को खुद प्रियंका गांधी ने गंणतत्र दिवस पर दिल्ली में हुई किसान नवरीत की मौत के बाद रामपुर स्थित उनके डिबडिबा गांव में श्रृद्दाजंलि दी. इस दौरान उनके परिजनोंं की हर संभव मदद का आश्वासन देते हुए किसान आंदोलन का खुला समर्थन किया.

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किसान नेता राकेश टिकैत के साथ यूपी कांग्रेस अध्‍यक्ष अजय कुमार लल्‍लू.

यह सच्‍चा आंदोलन है: प्रियंका गांधीकांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने किसान नवरीत सिंह को श्रद्दांजलि देने के बाद कहा, ‘यह मौका नहीं है कि हम राजनैतिक बात करें, लेकिन हम ऐसा गम सह नहीं सकते. जो सच्चाई है, वो सच्चाई है. यह राजनैतिक आंदोलन नहीं है. यह एक सच्चा आंदोलन है. आपका आंदोलन है, किसानोंं का आंदोलन है, देश के एक-एक वासी का आंदोलन है. इसलिए आज मैं इस परिवार को कहना चाहती हूं कि आप अकेले नहीं हैं. आपके साथ इस देश का एक-एक देशवासी खड़ा है. चाहे वो किसी भी धर्म का हो.

देश के कोने-कोने का किसान आपके साथ खड़ा है. हम आपके साथ खड़े हैं. आज हमारे साथ यहां आए हुए हजारों पश्चिमी यूपी के कांग्रेस कार्यकर्ता आपके साथ हैं. आज मैं सरदार हरदीप सिंह से कहना चाहती हूं कि आपके पोते की शहादत हम व्यर्थ नही होने देंगे और मेरी आशा है कि आप सब के मन में भी यही बात है. इस आंदोलन को तब तक जारी रखेंगे. जब तक ये तीनों काले कानून सरकार वापस नहीं लेगी- वाहे गुरु जी दी फतेह, वाहे गुरु जी दा खालसा.’






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