कहानी 75 साल के उस गदाधारी की, जिनके सामने युवाओं की फुर्ती भी लगे फीकी


रिपोर्ट : अंजलि सिंह राजपूत

लखनऊ: हाल ही में यूपी की राजधानी लखनऊ में राज्य गदा जोड़ी प्रतियोगिता आयोजित हुई थी. इस प्रतियोगिता में आकर्षण का केंद्र रहे 75 साल के श्रीधर मिश्र, जिन्होंने अपने तेवर और फुर्ती से सबको हैरान कर दिया.

वाराणसी के पहलवान 75 साल के श्रीधर मिश्र ने पहले गदा और बाद में मुदगर जोड़ी में युवा प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ते हुए प्रतियोगिता में जीत अपने नाम दर्ज की थी. यह नजारा जिस किसी ने भी देखा वह दंग रह गया क्योंकि 75 साल के श्रीधर मिश्र ने जिस जोश और जुनून के साथ प्रतियोगिता में भाग लिया वह सच में काबिले तारीफ था और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक भी था.

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश नॉन ओलंपिक एसोसिएशन की ओर से चौक स्टेडियम के बहुउद्देशीय हॉल में राज्य गदा जोड़ी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, जिसमें श्रीधर मिश्र ने 60 साल से अधिक आयु वर्ग की जोड़ी स्पर्धा में 50 फेरे यानी राउंड पूरा करते हुए पहला स्थान हासिल किया था.

छुड़ा दिए पहलवानों के छक्के

श्रीधर मिश्र ने इसी आयु वर्ग की गदा स्पर्धा में जोखू पहलवान को कड़ी चुनौती दी. दोनों ने 51-51 फेरे पूरे किए. इसके बाद निर्णायकों ने दोनों को ही संयुक्त विजेता घोषित कर दिया. प्रतियोगिता के युवा वर्ग में मिर्जापुर के हंसराज यादव ने भी करीब 2 खिताब अपने नाम दर्ज किए.

प्राचीन खेलों को खत्म होने से बचाना है

एसोसिएशन के अध्यक्ष एके सक्सेना ने बताया कि गदा जोड़ी भारत का प्राचीनतम परम्परागत खेल है जिसका उल्लेख त्रेता युग से लेकर द्वापर युग तक में भी मिलता है. बजरंगबली दुर्योधन और श्री कृष्ण के भाई ने भी इसका इस्तेमाल किया है, इसका उल्लेख है. आजकल लोग विदेशी खेलों को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं और देसी पारंपरिक खेलों को भूलते जा रहे हैं. ऐसे में खेलों को बचाने के लिए ही उनकी ओर से इस तरह के पारंपरिक खेलों का आयोजन किया जाता रहा है और आगे भी करते रहेंगे.

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