कौन था BHU कैंपस में रहने वाला काशी का ‘श‍िव’, जानिए रहस्यमयी मौत की पूरी कहानी


वाराणसी. बनारस ह‍िंदू विश्‍वविद्यालय (BHU) से बीएससी की पढ़ाई कर रहे छात्र श‍िव कुमार त्रिवेदी (Shiv Kumar Trivedi) के रहस्यमयी मौत की गुत्थी अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी है. दरअसल पहले कोरोना काल के दौरान लॉकडाउन की वजह से बीएचयू के ज्‍यादातर छात्र अपने घर लौट चुके थे. मध्य प्रदेश के जिला पन्ना, के पोस्ट बड़गढ़ी खुर्द, गांव ब्रजपुर के रहने वाले शिव बीएचयू से बीएससी की पढ़ाई कर रहे थे और दूसरे वर्ष के छात्र थे. आख‍िरी बार उन्‍हें तब देखा गया था क‍ि जब बनारस की लंका थाने की पुलिस 13-14 फरवरी 2020 की रात अपने साथ ले जा रही थी. 13 के बाद श‍िव का कोई पता नहीं चला.

पुलिस के अनुसार उन्‍होंने श‍िव को कई राज्‍यों में ढूंढा था. कई जगह तो वे प्रदीप को भी साथ ले गए. लेकिन श‍िव तो पहले ही मर चुका था. 21 अप्रैल को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस ने बताया क‍ि 15 फरवरी 2020 को यानी जिस दिन पुलिस श‍िव को ले जाती है, उसके दो दिन बाद, बनारस के रामनगर में स्थित जमुना तालाब में एक शव मिला था. सीबीसीआईडी सीआईएस शाखा लखनऊ की आईपीएस सुनिता सिंह की अगुवाई में पुलिस ने उसका डीएनए टेस्‍ट कराया जो श‍िव के पिता प्रदीप त्रिवेदी से मैच कर गया. मतलब श‍िव की मौत हो चुकी है.

पुलिस की दलीलों में संदेह
बता दें कि 21 अप्रैल को हुई सुनवाई के बारे में अध‍िवक्‍ता सौरभ त‍िवारी ने बताया क‍ि पुलिस के अनुसार छात्र मानसिक रूप से बीमार था. लंका थाने से जाने के बाद वह रामनगर के तालाब में जाकर डूब गया. इस पर मैंने अपनी बात रखी और न्‍यायालय को बताया क‍ि वह छात्र लंका थाने 5 क‍िलोमीटर रामनगर के तालाब या पोखरी में क्‍यों जाएगा? अगर उसे डूबकर मरना ही था तो वह गंगा में क्‍यों नहीं कूदा जबकि वह उसके रास्‍ते में ही पड़ता.

बेहद गरीब परिवार का था श‍िव
बेहद गरीब घर से ताल्‍लुक रखने वाले श‍िव शुरू से ही मेधावी थे. नवोदय से 12वीं करने के बाद ही आईआईटी की परीक्षा पास की. लेकिन तब‍ियत खराब होने की वजह से परीक्षा नहीं दे पाए और फिर बीएचयू में एडम‍िशन लिया. श‍िव का छोटा भाई उमाशंकर त्रिवेदी डीयू से स्‍नातक करने के बाद संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की तैयारी कर रहा है. अब दो साल बाद उसी पुलिस ने इलाहाबाद हाई कोर्ट को बताया क‍ि श‍िव की मौत हो चुकी है, वह अब कभी नहीं लौटेगा. इस मामले में अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी.

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