कानपुर: 22,000 का कटा चालान, तनाव में ऑटो ड्राइवर ने कर ली खुदकुशी


हाइलाइट्स

कानपुर में फांसी के फंदे से लटककर ऑटो चालक ने की आत्महत्या
पत्नी का आरोप ट्रैफिक चालान के कारण तनाव में था मृतक
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जांच के बाद पता चलेंगे आत्महत्या के असली कारण

कानपुर: जिले में एक व्यक्ति ने फांसी के फंदे में लटककर अपनी जान दे दी. सुनील नाम के व्यक्ति द्वारा आत्महत्या किए जाने से इलाके में हड़कंप मच गया. सुनील के परिजनों ने जब आत्महत्या का कारण बताया तो लोग सन्न रह गए. परिजनों ने बताया कि सुनील ऑटो चलाता था. इस दौरान उसका ट्रैफिक चालान हो गया था. जिसकी वजह से वह कई दिनों से तनाव में था. अब इसी तनाव के कारण उसने फांसी लगाकर जान दे दी. घटना कानपुर आउटर के नरवल थाना क्षेत्र की है. जहां ऑटो ड्राइवर सुनील ने घर में फांसी के फंदे से लटककर अपनी जान दे दी. परिजनों ने आत्महत्या का कारण ट्रैफिक चालान होना बताया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

लिया था सेकेंड हैंड ऑटो
बताया गया कि नरवल कस्बा निवासी सुनील गुप्ता ने कुछ समय पहले 1 सेकेंड हैंड ऑटो खरीदा था. जिसकी कमाई से वह अपने घर का पालन पोषण करता था. उसके परिवार में उसकी पत्नी संगीता और 4 साल की एक छोटी बेटी है. परिजनों ने बताया कि 30 जुलाई को सुनील की ऑटो का 10,000 रुपये का ई-ट्रैफिक चालान का मैसेज आया था. जानकारी हुई कि जुर्माना हो गया है. वह इस जुर्माने को खत्म करने के लिए पैसे जुटा ही रहा था कि तभी 4 सितंबर को फिर, मोबाइल पर 12,500 रुपये ई ट्रैफिक चालान का मैसेज आ गया. जिसके बाद से वो मानसिक तनाव में था. सुनील की पत्नी का कहना है इसी वजह से उसके पति सुनील ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी.

पहले भी किया था आत्महत्या का प्रयास
मृतक सुनील के पड़ोसी ने भी बताया कि शनिवार की दोपहर को बरामदे में सुनील, चादर के फंदे से लटककर जान देने का प्रयास कर रहा था. तभी उसने देख लिया और सुनील को बचाया. पड़ोसी ने सुनील को समझाया भी, लेकिन देर रात पत्नी संगीता और उनकी बेटी सो गई, तब सुनील ने फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली. मृतक की पत्नी संगीता ने बताया की शादी के कई साल होने के बाद भी उसको बच्चा नहीं था. बच्चा ना होने के कारण उन्होंने बेटी को गोद लिया था. सुनील बेटी से बेहद प्यार करता था. लेकिन एक ट्रैफिक नियम के उल्लंघन और उससे हुए चालान से सुनील ने मौत को गले लगा लिया.

शक के घेरे में चालान की बात
हालांकि ट्रैफिक चालान के मामले में आत्महत्या करना संदेह के घेरे में है. 21 जुलाई को काटा गया चालान जूही थाना अंतर्गत साकेत नगर के पास का है. यह चालान 66/192 एमवी एक्ट के तहत किया गया है. जिसका मतलब है कि अनजान शख्स को लिफ्ट देना. लेकिन सवाल यह उठता है कि ऑटो में यह नहीं तय किया जाता कि जाने वाली सवारी ऑटो चालक के परिचित की हो. ऑटो में यात्री कोई भी हो सकता है. कानपुर आउटर एसपी तेज स्वरूप सिंह का कहना है कि परिजनों ने जो आरोप लगाया है, उस मामले पर जांच की जा रही है. जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आत्महत्या करने की असली वजह क्या है.

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