जज्‍बे को सलाम: गरीबी नहीं डिगा पाई भाई-बहनों का हौसला, दिन में बेची चाय, रात में पढ़ाई कर 10वीं में दिखाया दम


(रिपोर्ट- आदित्य कुमार)

नोएडा. किसी ने खूब ही लिखा है कि ‘अटल रह तू बस अपने फैसलों पर, चलता रह मत रख नजर फासलों पर, मंजिल मिलेगी जरूर तुझे तू बस टिका रह अपने हौसलों पर’ इन पंक्तियों को सच कर दिखाया है नोएडा के आशीष गुप्ता और उनकी दो बहनों ने.दिन में चाय बेचकर रात में पढ़ाई करने वाले तीनों भाई-बहनों ने उत्तर प्रदेश 10वीं बोर्ड (UP Board 10th Result 2022) में जो उपलब्धि हासिल की है उसे सुनकर आप भी बिना तारीफ किये नहीं रह पाएंगे.

आशीष और उनकी दो बड़ी बहनों कुमकुम और ज्योति ने दसवीं की परीक्षा पास की है, वो भी डिस्टिंक्शन के साथ. सबसे बड़ी बहन कुमकुम के 80 प्रतिशत, छोटी बहन ज्‍योति के 83.80 प्रतिशत और घर की जिम्मेदारी उठाने वाले भाई आशीष के 61 प्रतिशत अंक आए हैं. आशीष ने बताया कि पिता की तबीयत खराब रहने लगी थी, इसलिए चार साल पहले पैसों की तंगी के कारण हम तीनों ने पढ़ाई छोड़ दी थी. इसके बाद भविष्य एनजीओ की मदद से उन्होंने फिर से एडमिशन लेकर पढ़ाई कर 10वीं में अच्छे नंबर हासिल किए हैं, जिसकी हमें बेहद खुशी है. हम अपने परिवार की रोटी चलाने के लिए दिन में चाय बेचते हैं और रात को पूरी मेहनत से अपनी पढ़ाई करते थे.

वकील और फैशन डिजाइनर बनना चाहती हैं बहनें
आशीष की बड़ी बहन ज्योति फैशन डिजाइनर, तो वहीं, छोटी बहन कुमकुम वकील बनना चाहती हैं. जबकि आशीष को सिविल सर्विसेज में जाना है. कुमकुम बताती हैं कि अभी तक पिता की तबीयत ठीक नहीं हुई है. हम तीन भाई बहन मिलकर घर का सारा खर्च उठाते हैं, इसलिए हम शिफ्ट में दुकान और घर चलाते हैं. कभी-कभी मम्मी भी मदद करती हैं, लेकिन उनकी भी उम्र अब ज्यादा हो चुकी है. भविष्य एनजीओ के विकास झा बताते हैं कि हमें ये बच्चे मिले तो उनसे पता चला कि वे पढ़ना चाहते हैं, इसलिए हमने इनका एडमिशन करा दिया था.तीन साल पढ़ाई छूट गई थी, लेकिन इन्होंने कड़ी मेहनत से उसकी कमी पूरी कर ली.

Tags: Success Story, UP Board, Up board result 2022



Source link

more recommended stories