झांसी:-जिस नदी को उमा भारती ने लिया था गोद,आज उसके अस्तित्व पर मंडरा रहा है खतरा


(रिपोर्ट – शाश्वत सिंह)

नदी वह जो अविरल बहती रहे.नदी जो लोगों की प्यास बुझाए.नदी जो अपनी राह खुद बनाती जाए.लेकिन झांसी में एक ऐसी नदी भी है जो अपनी राह भटक चुकी है.जिस की धारा रुक गई है.जो लोगों की प्यास नहीं बुझा रही बल्कि उनका स्वास्थ्य बिगाड़ रही है.झांसी शहर से होकर गुजरने वाली पहुज नदी आज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है.यह नदी आज लगभग एक नाले में तब्दील हो चुकी है. नदी के बीचो-बीच कूड़े का ढेर, हर तरफ फैले खरपतवार,उसमें घूमते आवारा पशु नदी की स्वच्छता के साथ ही झांसी वासियों का स्वास्थ्य भी बिगाड़ रही है.

उमा भारती ने लिया था गोद

पहुज नदी को आठ साल पहले उस समय की केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने गोद लिया था.वह उस समय झांसी की सांसद भी थीं.2014 में उन्होंने छोटी और खत्म होती नदियों को गोद लेने के अभियान की शुरुआत की थी.इसके तहत उन्होंने पहुज नदी को गोद लिया था.इसके संरक्षण के लिए कई योजनाएं बनाने का वायदा भी किया था.

गंदगी और अतिक्रमण हैं मुख्य कारण

पहुज नदी का अधिकतर क्षेत्र तो पहले ही लुप्त होने की कगार पर था.उमा भारती के इसे गोद लेने के बाद नदी के किनारे लगभग 50 लाख रुपए की लागत से उन्होंने एक घाट का निर्माण कराया था.उम्मीद की जा रही थी कि वह घाट स्वच्छ रहेगा,लेकिन वहां भी कूड़े और गंदगी का ढेर जमा हो गया है.इसके अलावा नदी के आसपास अतिक्रमण भी बड़ी संख्या में हो रहा है. खास तौर से नदी के डूब क्षेत्र में अतिक्रमण कर आवासीय कॉलोनियां बनाई जा रही हैं. नगर निगम और झांसी विकास प्राधिकरण इसे रोकने में असमर्थ साबित हो रहा है.

नालों का पानी छोड़ दिया जाता है नदी में

पहुज नदी में बढ़ती जा रही गंदगी का सबसे बड़ा कारण है नालों का पानी.झांसी शहर के कई इलाकों का गंदा पानी इस नदी में छोड़ दिया जाता है.एक स्थानीय नागरिक ने बताया कि वह पिछले 5 सालों से गंदे नालों के पानी को इस नदी में गिरते हुए देख रहे हैं.उसके अनुसार प्रशासन और शासन चाहते ही नहीं हैं कि यह नदी कभी साफ हो.मांग उठाने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती.

पहुज नदी को साफ करना हमारी प्राथमिकता

झांसी के महापौर राम तीरथ सिंघल ने पहुज नदी की दयनीय स्थिति की बात को स्वीकारते हुए कहा कि इसे साफ करने के लिए कई योजनाओं पर काम चल रहा है.पहुज नदी पर जल्द ही एक रिवरफ्रंट बनाए जाने की भी योजना है.इसके साथ ही लगातार बढ़ते जा रहे अतिक्रमण पर भी जल्द ही कार्रवाई की जाएगी.



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