जेवर एयरपोर्ट के अंदर तीन मेट्रो और एक बुलेट ट्रेन स्टेशन की मिलेगी सुविधा, जानें प्लान


नोएडा. हर तरह से जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए यमुना अथॉरिटी सभी कोशिश कर रही है. एयरपोर्ट परिसर के किसी भी हिस्से में एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए कोई परेशानी न हो, इसके लिए मेट्रो ट्रेन (Metro Train) के तीन स्टेशन बनाने के प्लान को डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) में शामिल किया गया है. यह तीन मेट्रो स्टेशन (Metro Station) एयरपोर्ट के मुख्य हिस्सों को आपस में जोड़ेंगे. फ्लाइट से उतरने के बाद ट्रेन के लिए एयरपोर्ट के बाहर न आना पड़े इसके लिए बुलेट ट्रेन (Bullet Train) का स्ट्रेशन भी परिसर में ही बनाया जाएगा. यह सभी स्टेशन अंडर ग्राउंड होंगे.

जेवर एयरपोर्ट में यहां बनाए जाएंगे तीन स्टेशन

नोएडा अथॉरिटी के अफसरों की मानें तो जेवर एयरपोर्ट को आपस में जोड़ने के लिए परिसर में तीन मेट्रो स्टेशन बनाए जाने के प्रस्ताव को डीपीआर में शामिल कर लिया गया है. यह तीन स्टेशन पैसेंजर टर्मिनल, कार्गों टर्मिनल और मेंटीनेंस एंड रिपेयरिंग हब के पास बनेंगे. सभी स्टेशन के बीच एक से डेढ़ किमी की दूरी होगी. पैसेंजर टर्मिनल के पास ही बुलेट ट्रेन का स्टेशन भी बनाया जाएगा. खास बात यह है कि सभी स्टेशन अंडर ग्राउंड बनाए जाएंगे.

ग्रेटर नोएडा से दिल्ली या बॉटेनिकल गॉर्डन तक बन सकता है कॉरिडोर

जेवर और आईजीआई एयरपोर्ट के यात्रियों को कनेक्टिविटी के चलते किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े इसके लिए मेट्रो ट्रेन का कॉरिडोर बनाने की तैयारी चल रही है. सूत्रों की मानें तो कॉरिडोर बनाने के लिए डीएमआरसी दो विकल्प पर काम कर रही है. पहला यह कि शिवाजी पार्क, दिल्ली से लेकर जेवर एयरपोर्ट तक अलग से लाइन बिछाकर कॉरिडोर तैयार किया जाएगा.

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दूसरा यह कि जेवर से लेकर बॉटेनिकल गॉर्डन तक एक अलग ट्रेक बिछा दिया जाए. इसके बाद ब्ल्यू लाइन से आगे का सफर तय हो सकेगा. लेकिन परेशानी यह भी है कि डीएमआरसी और नोएडा मेट्रो का मीटर गेज अलग-अलग है.

ग्रेटर नोएडा एयरपोर्ट के बीच पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट पर भी चल रहा है विचार

ग्रेटर नोएडा और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच फास्ट कनेक्टिविटी देने के लिए कई और मॉडल पर यमुना अथॉरिटी काम कर रही है. इसमें पॉड टैक्सी चलाने के विकल्प पर भी काम किया जा रहा है. पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट के लिए डीपीआर बनवाई जा रही है. इससे लोग ग्रेटर नोएडा से बहुत कम समय में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच जाएंगे. यह यातायात इको फ्रेंडली है. इसका खर्च मेट्रो के सापेक्ष केवल 20 फ़ीसदी होगा. पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट को अमल में लाने के लिए ज्यादा जमीन की जरूरत भी नहीं पड़ेगी.

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