India got invitation in democracy dialogue, China kept away | लोकतंत्र संवाद में भारत को मिला न्योता, चीन को रखा दूर



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका की ओर से 9 व10 दिसंबर को लोकतंत्र पर संवाद के लिए वर्चुअल समिट का आयोजन किया जा रहा है। यह एक ऐसा कदम जिसका प्रमुख उद्देश्य क्षेत्रीय भागीदार के साथ एकजुटता दिखाना है। इस संवाद में तीन प्रमुख विषयों का जिक्र किया है जा सकता है। जिसमें अधिनायकवाद से बचाव, भ्रष्टाचार के विरोध जंग, मानवाधिकारों को बढ़ाना शामिल है।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इसमें शामिल होने के लिए दुनिया के 110 देशों को आमंत्रित किया है, लेकिन खास बात यह है कि अमेरिका ने इस संवाद कार्यक्रम में चीन व रूस जैसे कई बड़े देशों को आमंत्रित नहीं किया गया है। इसमें मिडिल पूर्व के देशों से केवल इज़राइल और इराक शामिल होंगे। वहीं अमेरिका के पारंपरिक अरब सहयोगियों में से  मिस्र, सऊदी अरब, जॉर्डन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात को न्योता नहीं भेजा। 

अमेरिका की ओर से इस वर्चुअल लोकतंत्र संवाद समिट में शामिल होने के लिए भारत को आमंत्रित किया गया है। वहीं जो बाइडन ने पाकिस्तान और इराक को भी न्योता भेजा है। वहीं दूसरी तरफ चीन और अमेरिका के बीच तनाव का कारण बने ताइवान को भी सूची में जगह मिली है।

इस मीटिंग में अमेरिका ने अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी यानी चीन को आमंत्रित नहीं किया है, जबकि बैठक में ताइवान शामिल होगा। अमेरिकी प्रशासन के इस कदम से बीजिंग के नाराज होने का जोखिम है। वहीं चीन के अलावा तुर्की को भी न्योता नहीं भेजा जबकि वह अमेरिका की तरह नाटो का सदस्य है। दक्षिणी एशिया से अफगानिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका को भी सूची से बाहर रखा गया है।

 

 

 

 

 



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