इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पीएससी 2021 प्रारंभिक परीक्षा रद्द की, छात्रों में भारी नाराजगी


हाइलाइट्स

हाईकोर्ट ने UPPSC 2021 प्रारंभिक परीक्षा निरस्त की
छात्रों ने आयोग पर जताई कड़ी नाराजगी

इलाहाबाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित यूपी पीएससी 2021 की प्रारंभिक परीक्षा के नतीजे को रद्द कर दिया है. पूर्व सैनिकों को पांच फीसदी आरक्षण नहीं दिए जाने की वजह से हाईकोर्ट ने प्रारंभिक परीक्षा के नतीजे को रद्द कर, आयोग को नये सिरे से परिणाम घोषित करने को कहा है. हाईकोर्ट द्वारा नतीजा रद्द किये जाने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है.

आयोग पर सवाल उठ रहे हैं कि प्रशासनिक पदों पर अफसरों की भर्तियां करने वाला आयोग बार-बार ऐसी गलतियां व लापरवाही क्यों कर रहा है, जिसकी वजह से परीक्षाओं व भर्तियों में न्यायालय को दखल देना पड़ रहा है. आयोग की लापरवाही को लेकर अब विशेषज्ञ समेत टीचर्स और अभ्यर्थियों में विरोध जताना शुरू कर दिया है.

छात्रों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की लापरवाही के कारण प्रितयोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों में नाराजगी देखने को मिली है. छात्रों ने अब यह कहना शुरू कर दिया है कि आयोग के लापरवाह व दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. छात्रों ने कहा कि जब तक ऐसे लोगों पर सख्त एक्शन नहीं होगी, तब तक आयोग का रवैया नहीं बदलेगा और ऐसी गलतियां बार बार दोहराई जाती रहेंगी. लोगों का कहना है कि जब कुछ दोषी और लापरवाह लोगों पर एक्शन हो जाएगा, तो आगे से ऐसी लापरवाही नहीं होगी. छात्रों ने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं है, जब आयोग की गलती का खामियाजा प्रतियोगी छात्रों को भुगतना पड़ रहा है. इससे पहले भी आयोग की कई परीक्षाएं हाईकोर्ट या तो रद्द कर चुका है या फिर उन पर रोक लगा चुका है.

अब करना होगा 6 महीने इंतजार
हाईकोर्ट ने पीसीएस की जिस प्रारंभिक परीक्षा के नतीजे रद्द किये हैं, उसका इंटरव्यू दो दिनों में ख़त्म होने वाला था और अगले दस दिनों में इसके अंतिम नतीजे घोषित हो जाते. इंटरव्यू दे रहे कई अभ्यर्थी एसडीएम, डिप्टी एसपी समेत दूसरे पदों पर नियुक्ति पा जाते. प्रारंभिक परीक्षा का नतीजा रद्द होने से अब अंतिम नतीजे कम से कम छह महीने बाद ही घोषित हो पाएंगे.

गौरतलब है कि पूर्व सैनिकों को पांच फीसदी आरक्षण नहीं दिए जाने की वजह से हाईकोर्ट ने प्रारंभिक परीक्षा के नतीजे को रद्द कर आयोग को नये सिरे से परिणाम घोषित करने को कहा है. इस परीक्षा के लिए तकरीबन साढ़े छह लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था. सवा तीन लाख के करीब अभ्यर्थी प्रारम्भिक परीक्षा में शामिल हुए थे.

Tags: Allahabad high court, Chief Minister Yogi Adityanath, CM Yogi Aditya Nath, UPPSC, Uttarpradesh news



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