ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे बनाने के लिए चुनी गई कंपनी, 20 गांवों से गुजरेगा


नोएडा. जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) और यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) को दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) से जोड़ा जाना है.  इसके लिए ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाना है. एक्सप्रेसवे का काम करने के लिए कंपनी का चयन भी कर लिया गया है. इतना ही नहीं एक्सप्रेसवे का ब्ल्यू प्रिंट भी तैयार हो गया है. एक्सप्रेसवे फरीदाबाद (Faridabad) और गौतम बुद्ध नगर के 20 गांवों से होकर गुजरेगा. गौरतलब रहे सड़क बनाने के लिए 2 साल का वक्त रखा गया है. 31 किमी के ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे (GreenField Expressway) को बनाने के लिए 12 कंपनियां दौड़ में शामिल थीं.

ये हैं वो 20 गांव, जहां से गुजरेगा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे

निर्माण कंपनी का चयन करने के साथ ही ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे का ब्ल्यू प्रिंट भी लगभग तैयार हो चुका है. सूत्रों के मुताबिक ब्ल्यू प्रिंट में गौतम बुद्ध नगर और फरीदाबाद के 20 गांव शामिल किए गए हैं. जिसमे गौतम बुद्ध नगर के 6 और फरीदाबाद के 14 गांव लिए गए हैं. गांवों के नाम इस तरह से हैं-

गौतम बुद्ध नगर के दयानतपुर, बल्लभनगर, करौली बांगर, फलैदा बांगर, अमरपुर और झुप्पा गांव है. वहीं फरीदाबाद के फलैदा खादर, बाहपुर कलां, छांयसा, मोहियापुर, मोहना, हीरापुर, मेहमदपुर, नरहावाली, पन्हेरा खुर्द, फफूंडा, बाहभलपुर, सोताई, चनावली और शाहूपुरा गांव से गुजरेगा.

एप्को इंफ्राटेक को मिला काम, यह कंपनी भी थीं दौड़ में

जेवर एयरपोर्ट को दिल्ली-मुम्बई एकसप्रेसवे से जोड़ने के लिए ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे बनाने की दौड़ में एक दर्जन से ज्यादा कंपनी दौड़ में शामिल थीं. लेकिन ठेका मिला एप्को इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड को. एप्को के अलावा जीआर इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड, मोंटेकार्लो लिमिटेड, पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड, अदानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड, एप्को इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, केसीसी बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड, सीडीएस इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, दिनेश चंद्र आर अग्रवाल इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड, ग्वार कंस्ट्रक्शन लिमिटेड, ओरिएंटल स्ट्रक्चरल इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड और अशोका बिल्डकॉन लिमिटेड ने भी टेंडर पाने के लिए बोली लगाई थी.

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एयरपोर्ट से ऐसे जुड़ेगा दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे

हरियाणा के बल्लभगढ़ से होते हुए चंदावली के पास दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे का एक हिस्सा गुजर रहा है. बल्लभगढ़ से जेवर की दूरी करीब 31 किमी है. हरियाणा सरकार के साथ मिलकर यूपी सरकार ने जेवर पाइंट पर दोनों एक्सप्रेस वे को जोड़ने की मांग रखी थी. हालांकि शुरू में जमीन अधिग्रहण के खर्च पर हरियाणा सरकार तैयार नहीं हुई थी.

31 किमी के हाइवे में 7 किमी का हिस्सा यूपी में है तो बाकी का हरियाणा के हिस्से में. बल्लभगढ़ से आने वाली सड़क यमुना एक्सप्रेसवे के 32वें किलोमीटर पर जुड़ेगी. यहां इंटरचेंज की मदद से ट्रैफिक यमुना एक्सप्रेसवे पर आगे बढ़ जाएगा. इंटरचेंज पर ही चार लूप भी बनाए जाएंगे. दो लूप चढ़ने और दो उतरने के लिए होंगे.

टर्मिनल तक जाएगा 800 मीटर लम्बा एलिवेटेड रोड

यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर वाले इलाके में एक एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा. यह रोड सीधे जेवर एयरपोर्ट के टर्मिनल तक जाएगा. लिंक रोड की मदद से दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहन हों या फिर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहन, सभी एलिवेटेड रोड से होते हुए ही एयरपोर्ट के टर्मिनल तक जाएंगे. इतना ही नहीं दिल्ली,एनसीआर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, बुलंदशहर, खुर्जा और एटा की ओर से आने और एयरपोर्ट की ओर जाने वाले वाहन भी इसी 800 मीटर के एलिवेटेड रोड का इस्तेमाल करेंगे.

Tags: Delhi-Mumbai Expressway, Jewar airport, Yamuna Expressway



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