Good News: यूपी पुलिस के SI रंजीत यादव बने ‘वर्दी वाले गुरुजी’, भिखारियों के बच्चों को फ्री में दे रहे शिक्षा


हाइलाइट्स

यूपी पुलिस के सब इंस्‍पेक्‍टर रंजीत यादव अयोध्‍या के डीआईजी कार्यालय में तैनात हैं.
रंजीत यादव ने अयोध्या के खजुआ कुंड के पास ‘ अपना स्‍कूल’ खोला है.

रिपोर्ट- सर्वेश श्रीवास्तव

अयोध्या. राम नगरी अयोध्या में एक ऐसा स्कूल जिसको कोई टीचर नहीं बल्कि यूपी पुलिस का एक सब इंस्पेक्टर चलाते हैं. हम बात कर रहे हैं ‘अपना स्कूल’ की. जिसको वर्दी वाले गुरुजी यानी रंजीत यादव चलाते हैं. वह अयोध्या में मठ, मंदिरों और आए हुए श्रद्धालुओं से भीख मांगने वाले बच्चों को अपने खर्चे से शिक्षित करते हैं. यही नहीं, करीब 1 साल से सब इंस्पेक्टर रंजीत यादव अयोध्या के खजुआ कुंड पर करीब 100 बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं.

शुरुआती दिनों में सब इंस्पेक्टर रंजीत यादव भिखारी लोगों के घरों में जाकर उनके बच्चों को शिक्षित करने के लिए प्रेरित करते थे. इसके अलावा वह बच्‍चों के अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक करते थे. NEWS 18 LOCAL से बात करते हुए रंजीत यादव बताते हैं कि यह बच्चे मुझे तब मिले जब मेरी पोस्टिंग कोतवाली अयोध्या में थी. इन बच्चों को मैंने घाटों के किनारे भिक्षा मांगते हुए देखा. बच्चे वर्दी की वजह से डरते थे, लेकिन जब इनके बारे में पता किया और उनके अभिभावक से मिला उनको शिक्षा के प्रति प्रेरित किया, तो यह सब पढ़ाई करने के लिए आने लगे. उन्‍होंने कहा, ‘इसके पीछे मेरा मकसद था कि जो बच्चे भिक्षा मांगते हैं उनको भिक्षावृत्ति से निकाला जाए और उनके भविष्य में शिक्षा जीवन का प्रकाश डालकर रोशनी फैलाने का कार्य किया जाए.’

जानिए कौन हैं सब इंस्पेक्टर रंजीत यादव?
रंजीत यादव आजमगढ़ के रहने वाले हैं. लगभग 10 वर्षों से राम नगरी अयोध्या में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. वह पांच भाई हैं और गरीबी में अपनी पढ़ाई लिखाई की है. कठिन संघर्षों के बीच दूसरों से किताबें मांग कर पढ़ने वाले रंजीत यादव 2011 में कांस्टेबल, तो 2015 में सब इस्पेक्टर बने. वर्तमान में राम नगरी अयोध्या के डीआईजी कार्यालय में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं.

ड्यूटी के साथ इंसानियत का फर्ज भी
रंजीत यादव बताते हैं कि पुलिस वालों की हमेशा व्यस्तता रहती है. मेरा मानना है अगर अच्छी सोच है तो समय के साथ सब कुछ मैनेज किया जा सकता है. ड्यूटी के बाद जो समय बचता है उसमें से समय निकाल कर भीख मांगने वाले बच्चों को शिक्षित कर हैं. सुबह 7:00 बजे से लेकर 10:00 बजे तक बच्चों को पढ़ाता हूं. फिर ड्यूटी चला जाता हूं. सब इंस्पेक्टर रंजीत यादव लगभग सैकड़ों बच्चों को अपने खुद के खर्चे से कॉपी, पेंसिल, रबड़ कटर से लेकर बैठने तक की व्यवस्थाएं करते हैं.

मलिन बस्ती वालों का है अब ‘अपना स्कूल’
सब इंस्पेक्टर रंजीत यादव बताते हैं कि भिक्षा मांगने वाले गरीब तबके के बच्चों को देखकर उन्हें अपना बचपन याद आया.जब वह बेहद गरीबी के दौर में लोगों से किताबें मांग कर अपनी पढ़ाई करते थे. उन्होंने बताया कि उसी के बाद उन्होंने भिखारियों के बच्चों को फ्री में शिक्षा देने का संकल्प लिया. अब ऐसे निराश्रित बच्चों के लिए उन्होंने अपना स्कूल शुरू कर दिया है.

Tags: Ayodhya News, OMG News, UP education department



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