Ghaziabad: इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने तैयार की अनोखी डिवाइस, किसानों को होगा बड़ा फायदा


रिपोर्ट – विशाल झा

गाजियाबाद. देश की राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली से सटे यूपी के गाजियाबाद के आरडी इंजीनियरिंग कॉलेज (RD Engineering College) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों ने एक अनोखी डिवाइस को तैयार किया है. इससे पानी की बर्बादी को रोका जा सकेगा. दरअसल यह डिवाइस खेतों में पानी भरते ही ट्यूबवेल को ऑटोमेटिक बंद कर देगी. आपको बता दें कि खेतों में सिंचाई के लिए किसान बरसात और ट्यूबवेल पर ही निर्भर रहते हैं. जब बरसात नहीं होती तो किसान ट्यूबवेल के जरिए खेतों में सिंचाई करते हैं.

वहीं, अमूमन देखा जाता है कि किसान खेतों में ट्यूबवेल चला कर दूसरे कामों में लग जाते हैं जिस कारण खेत में वाटर ओवरफ्लो होने पर भी ट्यूबवेल लगातार चलता रहता है. इससे पानी की काफी ज्यादा बर्बादी भी होती है, लेकिन अब इस डिवाइस में लगे सेंसर की मदद से जैसे ही खेतों में पानी एक तय लेवल पर पहुंच जाएगा वैसे ही यह डिवाइस ट्यूबवेल को ऑटोमेटिक बंद कर देगी. इससे एक ओर जहां पानी की बर्बादी होने से बचेगी, तो वहीं तेजी से नीचे जाते भूजल को भी सुधारा जा सकेगा. इस डिवाइस का नाम ऑटोमेटिक सोलर वाटर पंप है.

इस डिवाइस को आरडी इंजीनियरिंग कॉलेज के चार छात्र वरुण, तुषार कौशिक शबी आलम और प्रियांशु ने मिलकर तैयार किया है. इस डिवाइस में सेंसर, रेड लाइट, पंप, सोलर पैनल, बैटरी, कैपिसेटर, रिले पावर डिस्ट्रीब्यूटर, ट्रांजिस्टर, रेसिस्टर आदि शामिल हैं.

डिवाइस बनाने वाले छात्रों ने कही ये बात
न्यूज़ 18 लोकल को डिवाइस बनाने वाले छात्रों ने बताया कि किसानों की सिंचाई की समस्या को देखते हुए यह डिवाइस बनाई गई है. हम सभी जानते हैं कि भूजल तेजी से नीचे जा रहा है जो कि भविष्य में जल संकट ला सकता है. इस डिवाइस से पानी की बर्बादी रुकेगी और किसान आराम से दूसरे कामों में भी अपना समय दे सकेंगे. इस डिवाइस को बनाने में करीब एक महीने का समय लगा. वहीं, इस काम में आरडी इंजीनियरिंग कॉलेज के डॉ.डीएस चौहान और सुशील कुमार ने छात्रों की मदद की है.

Tags: Farmer, Ghaziabad News



Source link

more recommended stories