फर्जी बीमा कंपनी के नाम पर ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन शातिर गिरफ्तार balrampur fraud insurance company gang exposed who duped people three accused have been arrested nodmk8

पुलिस को पूछताछ में शातिर गिरोह के दो और सदस्यों का पता चला है. पुलिस अब उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है
पुलिस को पूछताछ में शातिर गिरोह के दो और सदस्यों का पता चला है. पुलिस अब उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है


पुलिस को पूछताछ में शातिर गिरोह के दो और सदस्यों का पता चला है. पुलिस अब उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है

सीओ सिटी वरुण मिश्रा ने बताया कि ठगों का यह गिरोह फर्जी तरीके से बीमा कंपनियों (Insurance Companies) से लोगों के मोबाइल नंबर (Mobile Number) लेकर बीमा के नाम अधिक रिटर्न देने का प्रलोभन देकर फर्जी खातों में रुपए जमा करवा लेता थे और उसे आपस में बांट लेता था

बलरामपुर. उत्तर प्रदेश के बलरामपुर (Balrampur) में फर्जी इंश्योरेंस कंपनी (Fake Insurance Company) के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस ने इस अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक इस गिरोह ने कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के धुसाह गांव के रहने वाले जटाशंकर सिंह से 97 लाख रुपए इंश्योरेंस की रकम देने के नाम पर 32 लाख रुपए ठग लिए थे. इसकी शिकायत मिलने पर पुलिस ने केस दर्ज कर सर्विलांस और साइबर सेल (Cyber Cell) की मदद से जांच शुरू की. जांच में पता चला कि खाता इंश्योरेंस कंपनी आईएफटी सर्विसेस के नाम विभिन्न बैंकों में खुला हुआ है.

आरोपियों ने पीड़ित जटाशंकर सिंह से धीरे-धीरे कर के दो वर्षों में 32 लाख रुपए अलग-अलग खातों में जमा करा लिए थे. बीमा का समय पूरा होने पर उन्होंने जब 97 लाखों रुपए की मांग की तो ठग उन्हें झांसा देकर और रुपए जमा करवाते रहे. शनिवार को पुनः ठगों ने उन्हें फोन कर रुपयों की डिमांड की. मगर इस बार पहले से तैयार पुलिस, साइबर और सर्विलांस टीम ने जाल बिछाकर बस अड्डे से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पकड़े गए आरोपियों के नाम मोनू उर्फ मनवीर सिंह, रितेश तिवारी और आकाश पांडेय है. पुलिस ने इनके पास से लैपटॉप, फर्जी चेक, सात मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड, पैन कार्ड, आईएफटी सर्विसेस के कागजात और 36,500 रूपये नगद बरामद किए हैं.

पुलिस को पूछताछ में इस गिरोह के दो और सदस्यों का पता चला है. पुलिस अब उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है. सीओ सिटी वरुण मिश्रा ने बताया कि ठगों का यह गिरोह फर्जी तरीके से बीमा कंपनियों से लोगों के मोबाइल नंबर लेकर बीमा के नाम अधिक रिटर्न देने का प्रलोभन देकर फर्जी खातों में रुपए जमा करवा लेता थे और उसे आपस में बांट लेता था.







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