Fact Check: काशी के घाटों पर बैठने वाले पंडा-पुरोहितों पर भी लगेगा टैक्स, जानिए क्या है सच्चाई?


हाइलाइट्स

सोशल मीडिया पर चल रहा ये संदेश पूरी तरह से गलत है.
अफवाह फैलाने वालों पर हो सकती है विधिक कार्रवाई

रिपोर्ट:अभिषेक जायसवाल

वाराणसी. वाराणसी (Varanasi) में घाटों पर पूजा अनुष्ठान कराने वाले पंडे और पुरोहितों को भी क्या अब टैक्स देना होगा? सोशल मीडिया पर (social Media) इन दिनों ये मैसेज तेजी से वायरल (Viral) हो रहा है. तमाम लोग इसे लेकर तरह-तरह की बातें लिख रहे हैं. कोई कह रहा है आटा, चावल जैसे जरूरी चीजों के बाद अब सरकार के इशारे पर नगर निगम पंडों और पुरोहितों पर टैक्स लगा रहा है तो कोई इसके जरिए सरकार को घेरने में जुट गया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस मैसेज का आखिरकार सच क्या है? जानिए न्यूज़18लोकल की इस पड़ताल में.

वायरल मैसेज का सच जानने के लिए सबसे पहले News 18 local की टीम ने वाराणसी के नगर निगम (Varanasi Nagar Nigam) दफ्तर पहुंची. वहां जब लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि 2 साल पहले नगर निगम ने नदी किनारे रखरखाव और संरक्षण के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा धार्मिक आयोजन पर भी शुल्क का आदेश जारी किया था. आदेश के साथ ही जब पंडों और पुरोहितों ने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो उस समय के तत्कालीन धर्मार्थ मंत्री नीलकंठ तिवारी के हस्तक्षेप के बाद नगर निगम ने अपना ये फैसला तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया था.

भविष्य में नहीं है ऐसा प्लान
नगर आयुक्त प्रणय सिंह से जब इस मामले में बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि नगर निगम का कोई भी ऐसा प्लान नहीं है, जिसमें वो पूजा अनुष्ठान कराने वाले पुरोहितों से शुल्क या किसी तरह का टैक्स लें. सोशल मीडिया पर चल रहा ये संदेश पूरी तरह से गलत है.

अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
वाराणसी नगर निगम इसका खंडन करता है. नगर आयुक्त ने बताया कि जो भी इस तरह से गलत खबरों को वायरल कर अफवाह फैला रहा है उसपर विधिक कार्रवाई भी की जा सकती है. हमारे पड़ताल में ये बात सामने आई कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ये खबर पूरी तरह से गलत है.

Tags: UP latest news, Varanasi news



Source link

more recommended stories