Exclusive: वर्ल्ड U-20 एथलेटिक्स में 2 मेडल जीतने वाली रूपल चौधरी बोलीं-सुविधाएं मिलें तो युवा लिखेंगे इतिहास


मेरठ. कुछ कर गुजरने का जुनून अगर हो तो किस्मत की लकीरें मंजिल की राह बन जाती हैं. फिर डगर चाहे कितनी ही कठिन क्यों ना हो. मेरठ की शाहपुर जैनपुर की रहने वाली अंतरराष्ट्रीय एथलीट रूपल चौधरी (Rupal Chaudhary) ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है. दरअसल मेरठ में सुविधाएं ना मिलने के कारण वह हर दिन दिल्ली प्रैक्टिस करने के लिए जाती हैं, लेकिन इसके बाद भी उन्‍होंने इतिहास रच दिया है.

4 अगस्त 2022 को कोलंबिया में आयोजित विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप (World U20 Athletics Championship 2022) में रूपल चौधरी ने 3 दिन में ही 2 मेडल प्राप्त किए थे. महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में कांस्य मेडल जीता. इससे पहले उन्होंने चार गुणा 400 मीटर रिले में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचा था. इसके साथ ही 17 वर्षीय रूपल चौधरी विश्व एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप में दो मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं. विश्वभर में भारत का डंका बजाने वाली मेरठ की बेटी रूपल चौधरी जब अपनी धरती पर लौटी तो जोरदार स्वागत किया हुआ.

  • अपनी सफलता का श्रेय किसे देती हैं?

    मेरी सफलता के पीछे मेरे माता-पिता के साथ-साथ कोच अमिता सक्सेना और विशाल सक्सेना का अहम योगदान है. इन सभी ने हमेशा मार्गदर्शन किया है. मेरे पिता ओमवीर चौधरी हर दिन सुबह 4 बजे मुझे दिल्ली लेकर जाते हैं, ताकि में वहां प्रैक्टिस कर सकूं.

  • प्रैक्टिस के लिए दिल्ली क्यों?

    मेरठ में इस प्रकार का अभी तक कोई स्टेडियम नहीं है, जहां पर सिंथेटिक ट्रेक पर प्रैक्टिस की जा सके. इस वजह से दिल्ली जाकर प्रैक्टिस करती हूं, ताकि अपने प्रदर्शन को और बेहतर कर सकूं.

  • ट्रैक बनने से क्या फायदा होगा?

    मेरठ से दिल्ली आने जाने में ही 4 घंटे का समय खराब हो जाता है. अगर मेरठ में ही सिंथेटिक ट्रैक बन जाएगा तो मेरे जैसे और कई खिलाड़ी जिले से निकलेंगे. फिर पता नहीं कितनी रूपल मेरठ से निकलकर विश्व में भारत का नाम रोशन करेंगी. यहां पर प्रतिभाओं की कमी नहीं है, अगर उनको सुविधाएं प्रदान की जाएं, तो मेरठ के युवा एक नया इतिहास लिखेंगे.

  • पीएम या सीएम से कभी कोई मुलाकात?

    अभी तक मेरी पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात नहीं हो पाई है. इंतजार है कि उनसे मिल सकूं. जब देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हैं, तो एक नया मुकाम खिलाड़ी हासिल करते हैं. इसका नजारा कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भी देखने को मिला.

  • पीएम और सीएम से कोई खास अपील?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से यही अपील है कि मेरठ में भी बेहतर सुविधाएं खिलाड़ियों को मिल सकें, इसके लिए मदद करें. कैलाश प्रकाश स्टेडियम में सिंथेटिक के साथ-साथ अच्छे ट्रैक भी बनवाए जाएं.

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    FIRST PUBLISHED : August 16, 2022, 15:04 IST



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