ड्रैगन फल की खेती कर कमा रहे है अच्छा मुनाफा, जानें पूरी डिटेल


संजय यादव/बाराबंकी. उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले फतेहपुर ब्लॉक के मोहम्मद पुर गांव के किसान गया प्रसाद मौर्य ने विदेशों में पैदा होने वाला ड्रैगन फ्रूट की खेती की शुरुआत अपने गांव मोहम्मदपुर में की. इसके बाद जैसे खेतों से सोना निकलने लगा यानी उन्हें फसल की अच्छी कीमत मिल रही है. गया प्रसाद अपनी प्रयोगात्मक खेती के लिए क्षेत्र में काफी प्रसिद्ध हैं. ड्रैगन फल की खेती कर अच्छा कमा रहे हैं. आज उनकी ये फसल 2 एकड़ यानी 8 बीघे में हो रही है. किसान गया प्रसाद ने ड्रैगन फ्रूट की खेती अन्य फसलों की अपेक्षा कम नुकसान वाली फसल है, दूसरी फसलों की तुलना में ये फसल कम खर्चीली भी है.

गया प्रसाद बताते हैं कि ड्रैगन फ्रूट को उन्होंने पहली बार सी-मैप के मेले लखनऊ में देखा था. इंटरनेट के माध्यम से इसके विषय में अधिक जानकारियां इकट्ठा की. गुजरात से 75 रुपये प्रति पौधा खरीदकर एक एकड़ में लगभग 1700 पौधे लगाए हैं. वह बताते हैं कि वह ड्रैगन फ्रूट के उगाने के लिए रसायन केमिकल, कीटनाशक व फर्टिलाइजर का प्रयोग नहीं करते हैं. जैविक खाद, वर्मीकम्पोस्ट, नीम व गोमूत्र से बने कीटनाशक का प्रयोग करते हैं। ड्रिप के माध्यम से सिंचाई आर्गेनिक ड्रैगन फ्रूट उगाते हैं.

लखनऊ की मंडी में बढ़ी मांग
गया प्रसाद ने बताया कि अपने ड्रैगन फ्रूट बिकने के लिए लखनऊ की फल मंडी में भेजते हैं. यहां अब इस फल की मांग बढ़ी है. 200 रुपये प्रति किलो ड्रैगन फ्रूट बिकता है. फ्रूट वाले खेत को इस विधि से तैयार किया था कि उसमें ड्रैगन फ्रूट के अलावा सब्जी इत्यादि की खेती भी की जा सके. इन डेढ़ वर्षो में धनियां, मैथी, गोभी व पत्ता गोभी की खेती भी करते हैं. गया प्रसाद अपनी प्रयोगात्मक खेती के लिए क्षेत्र में प्रसिद्ध हैं. कैंसर से जंग जीतने के बाद उन्होंने खुद को खेती-किसानी में ही समर्पित कर दिया.

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